नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में कारण के कारण दुनियाभर में कच्चे तेल का संकट पैदा हो गया है। इससे भारत भी अछूता नहीं रहा है। हालांकि भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार है। देश में फिलहाल 60 दिनों का तेल भंडार, 60 दिनों का प्राकृतिक गैस भंडार और 45 दिनों का रसोई गैस भंडार उपलब्ध है। सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार ने कहा कि फ्यूल सप्लाई की राशनिंग की कोई योजना नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते आयात पर असर पड़ा है। इसके बावजूद एलपीजी का भी पूरा इंतजाम किया गया है और घरेलू उपभोक्ताओं को पूरी सप्लाई की जा रही है। तेल और गैस मंत्रालय में सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। युद्ध के बावजूद करीब 60 दिनों का पेट्रोल-डीजल का भंडार है और लगभग 45 दिनों का एलपीजी भंडार मेंटेन किया जा रहा है। विभिन्न देशों से खरीद बढ़ाई गई है।










































