नई दिल्ली: अगर मेहनत, सही तकनीक और नई सोच के साथ खेती की जाए तो किसान खेती से भी अच्छा कारोबार खड़ा कर सकते हैं। ओडिशा के देवगढ़ जिले के रतनापाली गांव के किसान उपेंद्र कुमार प्रधान ने इसे साबित कर दिखाया है। कभी आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले उपेंद्र आज अमरूद और आम की खेती से करीब 17 लाख रुपये का सालाना टर्नओवर हासिल कर रहे हैं। उनके अमरूद खरीदने के लिए झारखंड और छत्तीसगढ़ तक से ग्राहक आते हैं।
उपेंद्र का जन्म किसान परिवार में हुआ था। साल 2004 और 2007 में बीमारी के कारण उन्होंने अपने दोनों बड़े भाइयों को खो दिया। इलाज के खर्च के लिए उनके पिता हिमाद्री प्रधान को दो एकड़ धान की जमीन महज 25 हजार रुपये में गिरवी रखनी पड़ी। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई कि उपेंद्र को बारकोट कॉलेज से प्लस-टू की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी।
साल 2017 में उपेंद्र के बचपन के दोस्त और सेना में कार्यरत टिकेश्वर प्रधान ने उन्हें फल की खेती करने की सलाह दी। उन्होंने देश के दूसरे हिस्सों में सफल फल किसानों की कहानियां उपेंद्र को बताईं। दोस्त की सलाह पर उपेंद्र ने जोखिम उठाया और अमरूद और आम की खेती शुरू कर दी।
उन्होंने शुरुआत में करीब 3 लाख रुपये लगाए। यह पैसा उन्होंने लगभग 15 एकड़ जमीन पर उगाए गए धान की बिक्री से धीरे-धीरे बचाया था। शुरुआत में उन्होंने 1.2 एकड़ जमीन पर अमरूद और आम के पौधे लगाए।










































