पिंजरे में कैद हुई आदमखोर बाघिन,घर मे घुसकर किया था महिला का शिकार

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घिसे मिले कैनाइन दांत; आसान शिकार की तलाश में गांव तक पहुंच रही थी
रेस्क्यू कर,वन विहार भोपाल भेजी गई कान्हा की बाघिन,स्थानीय लोगो ने ली राहत की सांस
महिला की जान लेने के 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्यवाही
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पदमेश न्यूज़।बालाघाट। कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन अंतर्गत आने वाले, खापा बफर परिक्षेत्र की कुम्हादेही बीट के ग्राम पर्रापुर में, शनिवार की रात घर मे घुसकर महिला का शिकार करने वाली आदमखोर बाघिन को, आखिरकार वन विभाग की टीम ने पिंजरे में कैद कर लिया।जहां वरिष्ठ स्तर से ली गई अनुमति के बाद वन विभाग की स्पेशल टीम ने आदमखोर बाधित का रेस्क्यू कर, उसे वन विहार भोपाल रवाना किया है।बताया जा रहा है कि बाघिन के दांत घिस चुके थे, जिसके चलते वहां जंगल में वन्य प्राणियों का ठीक से शिकार नहीं कर पा रही थी, आसान शिकार की तलाश में वह गांव पहुंची थी।जहां घर में दरवाजा न होने का फायदा उठाते हुए बाघिन सीधे महिला के घर में घुस गई और महिला को जबड़े में दबाकर खींचते हुए बाहर ले गई। जहां उक्त महिला का शिकार कर लिया था, जिससे मौके पर ही महिला की मौत हो गई थी। जहां मामला जैसे ही प्रकाश में आया वैसे ही वन विभाग हरकत में आ गया और उन्होंने गांव के आसपास और जंगल क्षेत्र में गस्ती बढ़ा दी,वहीं आदमखोर बाघिन के रेस्क्यू के लिए वरिष्ठ स्तर से अनुमति प्राप्त की।जहां अनुमति मिलते ही वन विभाग की स्पेशल टीम मैके पर पहुंची और 24 घंटे के भीतर आदमखोर बाघिन का रेस्क्यू कर लिया।उधर बाघिन के रेस्क्यू के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

बाघिन टी-27 ने किया था महिला का शिकार,24 घण्टे के भीतर रेस्क्यू
कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला की मौत के लिए जिम्मेदार मानी जा रही 14 वर्षीय बाघिन (टी-27) का सोमवार को सफल रेस्क्यू कर उसे वन विहार भोपाल भेज दिया। बाघिन के कैनाइन दांत अत्यधिक घिसे हुए पाए गए हैं, जिसके चलते वह आसान शिकार की तलाश में लगातार ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास विचरण कर रही थी। वन विभाग ने इसे समस्या जनित बाघिन मानते हुए शासन से अनुमति प्राप्त कर यह कार्रवाई की है।महिला की मौत के बाद कान्हा प्रबंधन की त्वरित कार्रवाई से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग का कहना है कि पूरे इलाके में निगरानी जारी रहेगी और भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।

दांत घिसने से बदल गया था शिकार का व्यवहार
स्वास्थ्य परीक्षण में बाघिन के कैनाइन दांत अत्यधिक घिसे हुए पाए गए।अधिकारियों के अनुसार दांत कमजोर होने के कारण वह जंगल में बड़े शिकार करने में सक्षम नहीं रह गई थी और इसी वजह से आसान शिकार की तलाश में गांवों की ओर आने लगी थी। यही स्थिति मानव-वन्यजीव संघर्ष का कारण बनी।

शनिवार की रात में हुआ था हमला, महिला की गई थी जान
जानकारी के अनुसार 2 अगस्त की मध्य रात्रि में कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन अंतर्गत खापा बफर परिक्षेत्र की कुम्हादेही बीट के ग्राम पर्रापुर (स्कूल टोला), थाना बैहर, तहसील परसवाड़ा में बाघ के हमले में 45 वर्षीय सुगनी बाई पति बुधराम बैगा की मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। जहां घर में घुसकर महिला को जबड़े में दबाकर ले जाने और घर के कुछ दूरी पर ही महिला का मांस खाने वाले इस मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था, स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल उक्त बाघिन को पकड़ने की मांग की जा रही थी। जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही कर बाघिन का सफल रेस्क्यू किया गया।

कैमरा ट्रैप, हाथी दल और सर्च ऑपरेशन से मिली सफलता
घटना के तुरंत बाद कान्हा प्रबंधन ने पूरे इलाके में कैमरा ट्रैप लगाए, विशेष गश्ती दलों का गठन किया तथा हाथी दल की सहायता से सघन सर्च अभियान चलाया। जांच के दौरान 14 वर्षीय मादा बाघिन टी-27 गांव के आसपास घूमती हुई मिली। यह भी सामने आया कि बाघिन पहले भी कई बार ग्रामीण क्षेत्र के निकट देखी गई थी।वही घटना वाली रात भी गांव के समीप शिकार करने का प्रयास किया था।

शासन की अनुमति के बाद हुआ सुरक्षित रेस्क्यू
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश शासन से अनुमति मिलने के बाद सोमवार दोपहर कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक रवींद्र मणि त्रिपाठी एवं उपसंचालक (बफर) सुश्री अमिता के.बी. के मार्गदर्शन में हाथी दल की सहायता से बाघिन का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बाघिन को निश्‍चेत( बेहोश) कर उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया।

ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
वन विभाग ने बाघिन को विशेष परिवहन वाहन से सुरक्षित रूप से वन विहार, भोपाल रवाना कर दिया है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की है कि वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना तुरंत वन विभाग को दें और किसी भी परिस्थिति में स्वयं जोखिम उठाने का प्रयास न करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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