इस्लामाबाद: भारत ने पिछले साल मई महीने में हुए संघर्ष के दौरान अपनी रणनीतिक गहराई का फायदा उठाते हुए आधे घंटे से भी कम वक्त में पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह कर दिए थे। पाकिस्तान का लंबा और संकरा आकार होने की वजह से उसके पास रणनीतिक गहराई नहीं है। पाकिस्तान की पूर्व-पश्चिम में अधिकतम चौड़ाई अपने सबसे चौड़े बिंदु पर सिर्फ 1,125 किलोमीटर है। इसका मतलब है कि देश का अधिकांश हिस्सा भारत की लंबी दूरी की मिसाइलों की मारक सीमा के भीतर आता है। खुद पीएम मोदी ने चेतावनी देते हुए कह रखा है कि आतंकवादियों को “छिपने के लिए एक इंच जगह भी नहीं मिलेगी” और उन्होंने यह भी जोड़ा कि “आतंकवादियों के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं होगी यहां तक कि पाकिस्तान सेना की पनाह में भी नहीं।”
दूसरी तरफ भारत के पास काफी अंदर तक रणनीतिक गहराई और भौगोलिक फायदे हैं। भारत की पूरब से पश्चिम तक की अधिकतम चौड़ाई लगभग 2,933 km है जो पाकिस्तान की चौड़ाई से दोगुनी से भी ज्यादा है। पाकिस्तान इस असंतुलन से अच्छी तरह वाकिफ है। अगस्त 2025 में फ्लोरिडा के टैम्पा में एक निजी डिनर कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के सेना प्रमुख असिम मुनीर ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगले संघर्ष के दौरान पाकिस्तान भारत को पूरब से पश्चिम तक निशाना बनाएगा। उनकी इन टिप्पणियों का मकसद नई दिल्ली को यह संदेश देना था कि उसे अपने बड़े भूभाग की वजह से सुरक्षा का कोई गलत एहसास नहीं पालना चाहिए।










































