मजार से पांगा तालाब मोड़ाई तक हाईवे मार्ग में बने अनगिनत गड्डे, नजर हटी….समझों दुर्घटना घटी..

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पटरी से चलने मजबूर लोग, गड्डे हादसों को दे रहे न्यौता, जिम्मेदार मौन, मरम्मत की उठी मांग

पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय का अति-व्यस्ततम और प्रमुख बालाघाट-सिवनी हाईवे मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वहीं इस मार्ग का सबसे अधिक खस्ताहाल लालबर्रा मजार से लेकर पांगा तालाब मोड़ाई तक बनी हुई। इस दो किमी. दुरी तक मार्ग में अनगिनत जानलेवा गड्डे बने हुई है। वहीं कुछ स्थानों पर जानलेवा गड्डों के कारण राहगीरों का सफर सुहाना होने के बजाय खौफनाक साबित हो रहा है। गड्डों के कारण आवागमन करने वालों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि यह एक व्यस्तम मार्ग है और सडक़ गड्डों में तब्दील हो चुकी है। साथ ही सैंट्रल बैंक के समीप, मानपुर पुल के आगे, मानपुर बैरियर के आगे सहित अन्य स्थानों पर सडक़ के बीचों-बीच बने गड्डों में रोजाना लोग गिरकर चोटिल हो रहे है। लेकिन जिम्मेदार इस समस्या की ओर कोई ध्यान नही दे रहे है। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। जल्द मार्ग में जगह-जगह बने जानलेवा गड्डे सहित अन्य गड्डों का मरम्मत कार्य नही करवाया गया तो किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। वहीं सडक़ में बने गड्डों के कारण लोग अब सडक़ को छोडक़र पटरी से आवागमन करने को मजबूर है, लेकिन प्रशासन इस समस्या को दुर करने हेतु प्रयास नही कर रही है, जिससे सभी में रोष व्याप्त है।

जनता में गहरा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

आपकों बता दे कि बालाघाट से सिवनी हाईवे मार्ग वर्तमान में गड्डों से पट चुका है और जगह-जगह से डामर उखड़ चुकी है। गड्डे अनगिनत बन गये है यहां मानकर चले कि इस मार्ग से चलना है तो सावधानी पूर्वक आवागमन करना जरूरी है, अगर वाहन चलाते समय चालक की नजर हटी तो समझों की दुर्घटना घटी ऐसी नौबत बन चुकी है। वहीं अधिक परेशानी लालबर्रा मजार से पांगा तालाब की मोड़ाई तक बनी हुई है। यह सबसे अधिक व्यस्तम स्थान होने के साथ ही लोगों का आवागमन अधिक रहता है और इन्ही स्थानों के बीच में बड़े-बड़े सडक़ के बीचों बीच सहित अन्य स्थानों पर गहरे गड्डे बन गये है और बारिश होने पर उक्त गड्डों में पानी जमा होने पर दुर से गड्डे दिखाई नही देने से वाहन गड्डे में जाने से लोग अनियंत्रित होकर चोटिल हो रहे है। जबकि यह मार्ग केवल दो जिलों को जोडऩे वाली सडक़ नहीं, बल्कि क्षेत्र की जीवनरेखा है। एक ओर यह सिवनी और जबलपुर होते हुए राजधानी भोपाल तथा इंदौर को जोड़ता है, तो दूसरी ओर बालाघाट होते हुए महाराष्ट्र (नागपुर) और छत्तीसगढ़ (रायपुर) जाने का मुख्य जरिया है। इतने महत्वपूर्ण और भारी यातायात वाले मार्ग की विगत कई वर्षोंसे यही दुर्दशा बनी हुई है, लेकिन शासन-प्रशासन इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। बस फोरलेन सडक़ का निर्माण करवाने का क्षेत्रीय जनता को आश्वासन ही दे रहे है और इस सडक़ निर्माण के लिए कई बार घोषणाएं भी हो चुकी है लेकिन धरातल पर कुछ भी काम नही हुआ है। क्षेत्रीयजनों की मांग है कि निर्माण कार्य जब शुरू करना है करें प्रशासन, पहले सडक़ में बने जानलेवा गड्डों का जल्द मरम्मत कार्य करवाये ताकि वर्तमान में आवागमन में हो रही परेशानियों से निजात एवं दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सिर्फ हवा-हवाई घोषणाएं, धरातल पर काम शून्य

जागरूक नागरिक एवं स्थानीयजनों का आरोप है कि इस मार्ग के नवनिर्माण और मरम्मत को लेकर हर बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सिर्फ बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती हैं। जन-आंदोलनों और शिकायतों के बाद केवल आश्वासन की घूंटी पिला दी जाती है, परंतु जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है। निर्माण कार्य अधर में लटके होने के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग घायल हो रहे हैं। इस तरह से बालाघाट-सिवनी हाईवे मार्ग निर्माण की घोषणाएं सिर्फ हवा-हवाई साबित हो रही है। शासन-प्रशासन की इस निरंतर उदासीनता को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है। वहीं वाहन चालकों का कहना है कि गड्डों के कारण वाहनों के कलपुर्जे समय से पहले खराब हो रहे हैं, साथ ही धूल से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन से मांग है कि सडक़ में बने गड्डों का जल्द मरम्मत कार्य करवाये, नही तो क्षेत्रीयजन आंदोलन करने बाध्य होगें।

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