Mann Ki Baat: जनगणना से सर्जिकल स्ट्राइक तक, PM मोदी ने इन मुद्दों का किया जिक्र, नशामुक्ति अभियान पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में जनगणना, 9/11 हमले और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है और 2.60 करोड़ से ज्यादा लोग मोबाइल के जरिए स्व-गणना कर चुके हैं। पीएम मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को भी याद किया और आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उल्लेख कियाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देश और विदेश के लोगों के साथ अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में उन्होंने जनगणना, देश के दुर्गम इलाकों में चल रहे सर्वेक्षण, 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी और भारत में आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों का जिक्र किया।

पीएम मोदी ने कहा कि इन दिनों देश की एक बहुत बड़ी तस्वीर तैयार हो रही है और इस तस्वीर में हर नागरिक, परिवार और उसके आसपास के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वह भारत की जनगणना की बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दुर्गम और बर्फीले इलाकों में भी जनगणना का काम जारी है।

पीएम मोदी ने नशामुक्ति अभियान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से निकालना है। उन्होंने युवाओं को नशे की लत से बाहर निकलने का संकल्प दिया। उन्होंने अपील की है कि जो युवा नशे की लत में फंसे हैं, वो बाहर निकलें।माणा गांव से शुरू हुई जनगणना, 83 साल की पूर्णिमा रावत का जिक्र

पीएम मोदी ने उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत से जुड़े अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य में जनगणना की शुरुआत चमोली के माणा गांव से हुई, जिसे देश का पहला गांव कहा जाता है।

उन्होंने बताया कि माणा में सबसे पहले 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत से जनगणना की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं, उत्तरकाशी के बगोरी गांव में होमस्टे चलाने वाले हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज की।

2.60 करोड़ से ज्यादा लोगों ने की स्व-गणना

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक मोबाइल के जरिए 2 करोड़ 60 लाख से अधिक लोग जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भर चुके हैं और स्व-गणना कर चुके हैं।

उन्होंने लोगों से जनगणना में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि इसमें थोड़ा समय जरूर लगेगा, लेकिन लोगों की सही जानकारी देश के भविष्य की सही तस्वीर तैयार करने में मदद करेगी।

9/11 हमले को याद कर क्या बोले PM मोदी?

पीएम मोदी ने अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा लोग भारत के थे।

प्रधानमंत्री ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी अमेरिका यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क में उन्होंने 9/11 हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

पीएम मोदी ने कहा कि एक समय भारत में सीरियल ब्लास्ट होना सामान्य बात हो गई थी। उन्होंने 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट का जिक्र किया, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। उन्होंने इसके कुछ सप्ताह बाद हुए मुंबई के 26/11 आतंकी हमले को भी याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि पहले आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग होती थी, लेकिन उस पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था और समय बीतने का इंतजार किया जाता था।

आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ आगे बढ़ रहा है और इसके नतीजे भी देखने को मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में देशवासियों के सकारात्मक प्रयासों और देश की उपलब्धियों को मंच दिया जाता है। इसी क्रम में उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को भारत की एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर याद किया।

पीएम मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उन्होंने कहा कि एलओसी के पार जाकर भारतीय जवानों ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।

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