Parliament Monsoon Session: लोकसभा को गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। सत्र के आखिरी दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तकरार देखने को मिली। सत्र शुरू होने से पहले संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने मंकी टॉय प्रदर्शन किए। वहीं, सत्ता पक्ष के सांसदों का राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किए। कई विपक्षी सांसद मंकी टॉय के साथ नारे लगा रहे थे, “56 इंच का छोटा बंदर। जल्दी आओ सदन के अंदर।” बता दें कि पूरा मानसून सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष की भेंट चढ़ चुका है। बता दें कि इस सत्र में सिर्फ 15 घंटे ही काम हुए।सत्ताधारी दल के विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “क्या आपने कभी ऐसा देखा है? पिछले 12 वर्षों से सत्ता में रही सरकार संसद में विपक्ष के नेता के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगा रही है। उनकी हालत ऐसी है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद आने से डर रहे हैं, उन्होंने कल सीढ़ियों पर बैठकर साक्षात्कार दिया, प्रधानमंत्री पूरे सत्र में संसद नहीं आए। आज (मानसून सत्र का) आखिरी दिन है और सत्ता पक्ष हमारे खिलाफ प्रतिस्पर्धा कर रहा है और आज भी सीढ़ियों पर बैठा है।”
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी काफी समय से हंगामा कर रहे थे, अपनी बात रखने और बोलने की अनुमति की मांग कर रहे थे। फिर भी, जब अमित शाह ने खुले तौर पर कहा कि वे 24 घंटे तक बहस सुनने और जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो राहुल गांधी क्यों भाग गए? राहुल गांधी भगोड़े हैं; वे केवल राजनीतिक दिखावा करते हैंछात्र आंदोलन के मुद्दे पर सरकार को घेरता रहा विपक्ष
लोकसभा के आधिकारिक कैलेंडर के मुताबिक, मानसून सत्र के दौरान कुल 19 बैठकें निर्धारित थीं। हालांकि, पूरे सत्र में कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला। कई बार हंगामे और विरोध के चलते सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष से सदन में चर्चा में शामिल होने की अपील की जाती रही। छात्र आंदोलन के मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगता रहा। अमित शाह ने विपक्ष की मांग पर जवाब देने की सहमति जताई और कहा कि वह इस मुद्दे पर सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं। माना जा रहा था कि वह गुरुवार को सदन में इस मुद्दे पर अपना पक्ष रख सकते हैं।
कौन से बड़े बिल अभी भी लंबित हैं?
संसद के रिकॉर्ड में कुछ अहम विधेयक अभी भी लंबित बताए जा रहे हैं। इनमें परिसीमन विधेयक, 2026 और FCRA संशोधन विधेयक, 2026 प्रमुख हैं।
परिसीमन विधेयक, 2026
परिसीमन विधेयक, 2026 लोकसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में अभी लंबित है। इस विधेयक का संबंध लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन से जुड़े प्रावधानों से है।
FCRA संशोधन विधेयक, 2026
फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन विधेयक, 2026 भी लंबित विधेयकों की सूची में शामिल है। यह विधेयक गृह मंत्रालय से संबंधित है और लोकसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड में फिलहाल पेंडिंग दर्ज है।










































