2 गांवों से आधी रात 6 मवेशी चोरी, नागपुर तक पहुंचा मामला

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पिकअप में भरकर बापड़ी-हल्बीटोला से ले जाए गए मवेशी, कलमना बाजार में मिले
मालिक खुद नागपुर पहुंचकर वापस लाए जानवर, चैकिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
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पदमेश न्यूज़।बालाघाट। लांजी थाना क्षेत्र के ग्राम बापड़ी और हल्बीटोला से 28 सितंबर की मध्यरात्रि 6 मवेशियों को पिकअप वाहन में भरकर महाराष्ट्र ले जाने का मामला सामने आया है। पशु मालिकों ने 29 सितंबर को लांजी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सूचना मिली कि उनके मवेशी नागपुर के कलमना बाजार में हैं। पशु मालिक खुद नागपुर पहुंचे और अपने 6 मवेशियों को वापस लेकर गांव लौटे। मामले में पिकअप वाहन और उसके चालक को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया है।घटना के बाद जहां पशु मालिकों को अपने मवेशी वापस मिलने से राहत मिली है, वहीं आधी रात में दो गांवों से छह मवेशियों को पिकअप में भरकर महाराष्ट्र तक पहुंचाए जाने से अंतरराज्यीय सीमा पर निगरानी और वाहनों की जांच व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

3 पशु मालिको के 6 मवेशी हुए थे चोरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 सितंबर की रात बापड़ी और हल्बीटोला गांव से छह मवेशी गायब हुए। सुबह पशु मालिकों को जब अपने मवेशी नहीं मिले तो उन्होंने आसपास तलाश की। इसके बाद बापड़ी निवासी कमलचंद पिता जयलाल बनोथे तथा हल्बीटोला निवासी रूपचंद राऊत और जितेंद्र खोबरागड़े ने 29 सितंबर को लांजी थाने पहुंचकर शिकायत की।बताया गया कि तीनों पशु मालिकों के कुल छह मवेशी गायब थे। शिकायत के बाद मवेशियों की तलाश की जा रही थी, तभी उनके नागपुर के कलमना बाजार में पहुंचने की सूचना मिली थी।

मालिको ने नागपुर पहुँचकर, वापस लाए मवेशी
उधर मवेशियों के नागपुर में होने की जानकारी मिलते ही पशु मालिकों ने लांजी पुलिस को सूचना दी और स्वयं वाहन से नागपुर रवाना हो गए। दूसरी ओर पुलिस टीम भी मामले की गंभीरता को देखते हुए रवाना हुई और गोंदिया तक पहुंची। गोंदिया में पुलिस ने पशु मालिकों से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनके मवेशी नागपुर में मिल गए हैं और वे उन्हें लेकर वापस लौट रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम लौट आई और पशु मालिक छह मवेशियों को लेकर गांव पहुंच गए।

पिकअप चालक ग्रामीणों के हाथ लगा
इधर, मवेशियों को ले जाने वाले पिकअप वाहन के चालक सुभाष फुण्डे निवासी शंभूटोला, महाराष्ट्र को पशु मालिकों और ग्रामीणों ने पकड़ लिया। उसे ग्राम कारंजा लाया गया, जहां ग्रामीणों ने उससे पूछताछ की। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने चालक और पिकअप वाहन को अपने कब्जे में ले लिया तथा छह मवेशियों को भी लांजी थाने लाया गया।पूछताछ में चालक ने कथित तौर पर बताया कि वह शंभूटोला निवासी मुश्ताक लाल का पिकअप चलाता है। उसके अनुसार उसे कारंजा की ओर जाकर मवेशी लोड करने के लिए कहा गया था। चालक के कथित बयान के मुताबिक कारंजा बस स्टैंड पर उसकी मुलाकात महाराष्ट्र निवासी परमेश्वर भक्तवर्ती से हुई, जिसके बाद वह बापड़ी रोड की ओर गया।

बापड़ी और हल्बीटोला से तीन-तीन मवेशी लोड करने का दावा
चालक के कथित बयान के अनुसार बापड़ी रोड से तीन मवेशी वाहन में लोड किए गए। इसके बाद हल्बीटोला पहाड़ी के पास से भी तीन मवेशी वाहन में लोड किए गए। इस तरह पिकअप में कुल छह मवेशी हो गए और वाहन को नागपुर ले जाया गया।पूछताछ के दौरान बापड़ी निवासी एक व्यक्ति का नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, घटना में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

नागपुर के व्यापारियों को सौंप दिये थे मवेशी
चालक ने कथित तौर पर यह भी बताया कि छह मवेशियों को नागपुर ले जाकर कुछ व्यापारियों को सौंपा गया। उसके अनुसार इसके बाद वाहन मालिक के खाते में फोन के माध्यम से करीब 45 हजार रुपये भेजे गए। यह राशि किसने और किस उद्देश्य से भेजी, इसका खुलासा पुलिस जांच और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच के बाद ही होगा।

चेकपोस्ट पार कर महाराष्ट्र कैसे पहुंचा वाहन?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अंतरराज्यीय सीमा पर निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। पुलिस द्वारा सीमा क्षेत्रों में चेकपोस्ट और वाहनों की जांच की व्यवस्था होने के बावजूद यदि आधी रात में छह मवेशियों से भरा पिकअप महाराष्ट्र पहुंचा, तो रास्ते में वाहन की जांच हुई या नहीं, यह जांच का विषय है।यदि वाहन की जांच हुई थी तो मवेशियों के परिवहन से संबंधित दस्तावेज क्या पाए गए और उनकी जानकारी दर्ज की गई या नहीं? वहीं यदि वाहन की जांच नहीं हुई तो इसकी वजह क्या रही? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच में सामने आ सकते हैं।

रात में संदिग्ध वाहनों की जांच की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने रात के समय गांवों में आने-जाने वाले पिकअप, बोलेरो और अन्य मालवाहक वाहनों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि पशु उनके लिए आर्थिक संपत्ति हैं और एक साथ छह मवेशियों का चोरी होना गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की है कि मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाए।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी हकीकत
फिलहाल पिकअप वाहन और चालक पुलिस के कब्जे में हैं तथा छह मवेशी अपने मालिकों के पास वापस पहुंच चुके हैं। मामले में वाहन मालिक मुश्ताक लाल, परमेश्वर भक्तवर्ती, एक स्थानीय व्यक्ति और चालक सुभाष फुण्डे के संबंध में पुलिस जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य जांच के बाद ही होगी। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना है कि दो गांवों से मवेशियों को किस तरह नागपुर तक पहुंचाया गया और इस पूरी घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।

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