5 दिनों तक सभी एसबीआई बैंक रहेंगे बंद, शाखाओं में लटकेंगे ताले

0

बालाघाट।यदि आपका बैंक खाता एसबीआई बैंक में है और बैंक जाकर अगर आप पैसो के लेन देन व बैंक सम्बंधित अन्य कोई काम कराना चाहते है तो यह खबर आपके लिए है।क्यो की देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक,स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के कर्मचारियों ने वर्षो से लंबित अपनी विभिन्न सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का एलान किया है।जहा एसबीआई अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा 25 और 26 मई को 02 दिनों की देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। लेकिन इस 02 दिनों की देशव्यापी हड़ताल व अवकाश को मिलाकर कुल 5 दिनों तक बैंक बंद रहेंगे।जिसका सीधा असर बैक के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।एसबीआई बैक कर्मचारियों की इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल औऱ अवकाश के चलते बालाघाट जिले की 18 शाखाओं में भी आगामी 5 दिनों तक ताले लटके नजर आएंगे।जहा के लगभग 600 कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल होंगे।ऐसे में एसबीआई की विभिन्न शाखाओं में आपके बैंक सम्बधित कार्य प्रभावित हो सकते है।

बे-नतीजा निकली यूनियन और सरकार प्रतिनिधियों की बातचीत, किया हड़ताल का एलान
बैंक कर्मचारियों द्वारा यह हड़ताल ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (एआईएसबीआई एसएफ) के आव्हान पर की जा रही है।यहां यूनियन के बैनर तले 25 और 26 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान किया गया है।बताया गया कि यूनियन की सरकार के प्रतिनिधियों के साथ पिछले दिनों हुई बातचीत बे-नतीजा निकली,जिसके चलते यूनियन के पास आंदोलन के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है. इस मामले में यूनियन ने सांसदों और केंद्र सरकार से भी दखल देने की मांग की है।साथ ही 2 दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान कर दिया है।

इसलिए हड़ताल पर जा रहे कर्मचारी
यूनियन का आरोप है कि बैंक में आपसी बातचीत और समझौतों के नियमों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है. इसके अलावा, नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) को लेकर भी एक बड़ा विवाद है।नियम के मुताबिक, कर्मचारियों को हर साल अपना पेंशन फंड मैनेजर बदलने की छूट मिलनी चाहिए, लेकिन एसबीआई ने इसे अब तक लागू नहीं किया है।यूनियन का दावा है कि सही फंड मैनेजर न चुन पाने के कारण देश भर के लगभग 55,000 कर्मचारियों और 55,000 अधिकारियों के रिटायरमेंट फंड पर बुरा असर पड़ रहा है. इसके साथ ही, 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के इंटर-सर्कल ट्रांसफर पर भी बैंक ने एकतरफा रोक लगा दी है।कई बार आवेदन निवेदन पर जब बात नही तो यूनियन को हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है।

नौकरियों को लेकर भी विवाद, भर्ती की जगह ठेके पर काम कर रहे लोग
यूनियन का सबसे बड़ा विरोध स्थाई नौकरियों की जगह आउटसोर्सिंग (ठेके पर काम देना) को लेकर है. उनका कहना है कि ट्रेड फाइनेंस, एग्रीकल्चर एसोसिएट और सुरक्षा जैसे जरूरी कामों को बाहरी एजेंसियों को सौंपा जा रहा है, जो पुराने समझौतों के खिलाफ है।इससे युवाओं के लिए रोजगार के मौके कम हो रहे हैं।इसके अलावा,बैंक में जरूरी डॉक्युमेंट्स और कैश लाने-ले जाने वाले ‘मैसेंजर्स’ की भर्ती पिछले 30 सालों से नहीं हुई है।वहीं, एटीएम चोरी और बैंक शाखाओं पर हमलों के बावजूद साल 2022 के बाद से हथियारों से लैस सुरक्षा गार्ड की नई भर्ती भी नहीं की गई है

काम ठेके पर देने से ग्राहकों के डेटा प्राइवेसी खतरे में
बताया गया कि हड़ताल के कारण 25 और 26 मई को बैंक से जुड़े कामकाज ठप रहेंगे।लेकिन यूनियन ने एक और गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि संवेदनशील बैंकिंग कामों को आउटसोर्स करने से ग्राहकों के डेटा की प्राइवेसी खतरे में पड़ रही है. बाहरी लोगों के हाथ में जरूरी जानकारी जाने से ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी, केवाईसी का गलत इस्तेमाल और पहचान चोरी होने का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ गया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here