लालबर्रा (पद्मेश न्यूज)। प्रदेश सरकार के द्वारा गत दिवस केबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि किसानों को प्रति हेक्टेयर २००० रूपये प्रोत्साहन राशि दिया जायेगा। जबकि किसानों के द्वारा सरकार से ३१०० रूपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य दिये जाने की मांग की जा रही है लेकिन सरकार समर्थन मूल्य ३१०० रूपये न देते हुए प्रति हेक्टेयर २००० रूपये किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है जो प्रति क्विंटल के हिसाब से ४४ रूपये ४४ पैसे हो रही है। जिससे किसानों में गत २६ दिसंबर को केबिनेट की बैठक में लिये गये निर्णय से आक्रोश व्याप्त है। सरकार के द्वारा किसानों को धान का समर्थन मूल्य ३१०० रूपये प्रति क्विंटल नही दिये जाने से नाराज होकर किसान संघ लालबर्रा के द्वारा शुक्रवार की रात ९ बजे लालबर्रा स्थित विश्राम गृह में प्रेसवर्ता आयोजित कर किसान संघ के पदाधिकारियों ने केबिनेट की बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों के द्वारा सरकार से लंबे समय से मांग की जा रही है कि जो विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में वादे किये गये है कि धान का समर्थन मूल्य ३१०० रूपये देगें उस वादे को पूरा करना था परन्तु सरकार के द्वारा धान का समर्थन मूल्य ३१०० रूपये न देते हुए २००० रूपये प्रति हेक्टेयर के मान से प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। जो प्रति क्विंटल ४४ रूपये ४४ पैसे हो रही है जो गलत है और सरकार के इस निर्णय से सभी किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है। साथ ही यह भी कहा कि किसान संघ एवं समस्त धान उत्पादक किसान म.प्र. शासन के केबिनेट में लिये गये निर्णय का बहिष्कार करते है और सरकार से मांग है कि उन्होने जो विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में वादे किये थे कि सरकार बनने के बाद धान का समर्थन मूल्य ३१०० रूपये दिया जायेगा उस वादे को पूरा करें। साथ ही यह भी कहा कि केबिनेट के इस निर्णय से किसान आक्रोशि है इसलिए किसान संघ जिले के प्रत्येक सोसायटी में जाकर इस फैसले के विरोध में किसानों से मिलकर नये जन आंदोलन की तैयारी की जायेगी और जनवरी माह में भव्य आंदोलन किया जायेगा, जिसकी तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। सरकार से मांग है कि हमेंं प्रति हेक्टेयर २००० रूपये प्रोत्साहन राशि नही चाहिए बल्कि उन्होने जो वादा किया है की धान का समर्थन मूल्य ३१०० रूपये देगें उस वादे को पूरा करें नही तो किसान आंदोलन करने बाध्य है।








































