RCB क्यों है सबसे मजबूत टीम, क्या है सबसे बड़ी खासियत, टीम के निदेशक बोबाट ने किया खुलासा

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RCB, IPL 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के क्रिकेट निदेशक मो बोबाट ने गत चैंपियन के क्वालीफायर एक में गुजरात टाइटन्स को करारी शिकस्त देने के बाद लगातार दूसरे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) फाइनल में पहुंचने के बाद टीम के ’सामूहिक योगदान’ की तारीफ की। आरसीबी ने पांच विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर गुजरात टाइटन्स को 162 रन पर ऑल आउट कर दिया। आरसीबी की जीत में कप्तान रजत पाटीदार की 33 गेंदों पर खेली गई 93 रन की तूफानी नाबाद पारी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन का अहम योगदान रहा।

बोबाट ने कहा कि पिछले दो सत्र में आरसीबी के शानदार प्रदर्शन से सबसे बड़ी सीख यह मिली है कि दबाव वाले हालात में कई खिलाड़ी लगातार आगे बढ़कर टीम के लिए योगदान दे रहे हैं। बोबाट ने कहा, “मुझे इस बात की खुशी है कि हमारी जीत में कई खिलाड़ी योगदान दे रहे हैं। हम बल्लेबाजी या गेंदबाजी के लिए सिर्फ एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं हैं। हमारी टीम के कई खिलाड़ी योगदान दे रहे हैं और यह बहुत अच्छी बात है।”

उन्होंने कहा, “अगर हर कोई अपना योगदान देता है और अपनी भूमिका ठीक से निभाता है तो नतीजे अपने आप ही अच्छे आते हैं। आज के मैच से मिली सबसे उत्साहजनक बात शायद यही है। और साथ ही यह भी कि हम फाइनल में पहुंच गए हैं।” बोबाट ने कप्तान पाटीदार की खास तारीफ की जिनकी विस्फोटक पारी ने आरसीबी के शुरुआती दो विकेट गिरने के बाद टाइटन्स के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।उन्होंने कहा, “वह इस समय निश्चित रूप से शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और आज की पारी वाकई बहुत खास थी। मुझे पूरा यकीन है कि एक बड़े क्वालीफायर और इतने अहम मैच में टीम के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाने पर उन्हें खुद भी बहुत खुशी हो रही होगी।” बोबाट ने कहा, “मेरा मानना है कि जिस भी टीम का कप्तान अच्छा खेलता है, उस टीम का आत्मविश्वास और भी बढ़ जाता है। वह खुद आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।”

पाटीदार को एक शांत स्वभाव का नेतृत्वकर्ता बताते हुए बोबाट ने कहा कि इस सत्र में कप्तान की खेल की समझ और दबाव झेलने की क्षमता सबसे खास रही है। उन्होंने कहा, “इस साल उन्होंने मैच के अहम पलों को बहुत समझदारी से चुना है। आज के मैच की ही बात करें तो जब हमारे दो विकेट जल्दी गिर गए थे तब उन्होंने क्रीज पर जमने के लिए थोड़ा समय लिया, एक छोटी सी साझेदारी बनाई और फिर अपनी पारी की रफ्तार बढ़ा दी।”

बोबाट ने कहा, “इसके लिए रणनीति में सचमुच बहुत ज्यादा अनुशासन और समझदारी की जरूरत होती है। उसका स्थितियों और हालात को समझना, और यह जानना कि कब अपनी पूरी तेजी से खेलना है और कब थोड़ा धीमा होना है, उसके विकास का एक बहुत ही शानदार हिस्सा है।”

बोबाट ने दबाव वाले मैचों में विराट कोहली, कृणाल पंड्या, जोश हेज़लवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के प्रभाव की बात करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि अगर आप ऐसी टीम बना पाते हैं जिसमें खिलाड़ी दबाव वाली स्थितियों का सामना करने के लिए आगे आते हैं, जिसमें वे या तो पलटवार कर सकते हैं या दबाव को झेलकर सटीक तरीके से खेल सकते हैं, तो यही वे चीजें हैं जिनकी आप तलाश में होते हैं।”

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