पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर के बस स्टैंड में १० मार्च की शाम करीब ४ बजे फि र एक वृद्ध महिला को विश्वास में लेकर सोने के जेवर एवं नकद राशि निकालकर फ रार होने का मामला प्रकाश में आया है। इस वारदात के पीछे ईरानी गैंग की उपस्थिति बताई जा रही है जो नगर में सक्रिय होना प्रतीत हो रहा है। यह घटना उस समय हुई जब हीराबाई माहुरकर वृद्ध महिला आंख का उपचार करवाकर बालाघाट से वारासिवनी बस स्टैंड पहुंची थी। घटना की जानकारी लगते ही परिजनों ने पुलिस को सूचना की जिसके बाद पुलिस प्रशासन के द्वारा महिला से पूछताछ कर बस स्टैंड और दीनदयाल चौक की छानबीन की जाती रही। मामले में पुलिस के द्वारा जांच प्रारंभ कर दी गई है।
हीराबाई आंख का इलाज करने बालाघाट गई हुई थी
प्राप्त जानकारी के अनुसार हीराबाई पति ज्ञानीराम माहुरकार उम्र ७५ वर्ष ग्राम बिटोडी निवासी के द्वारा अपनी आंख का ऑपरेशन करवाया गया है। जिसकी जांच के लिए वह बालाघाट आती जाती रहती है १० मार्च को भी महिला अपनी आंख की जांच के लिए बालाघाट गई हुई थी। जो बालाघाट अपने बहन बेटे अशोक ढोंमने के साथ मोटरसाइकिल के माध्यम से गई हुई थी। जहां डॉक्टर के पास आंखों की जांच करने के बाद वह बस स्टैंड पहुंची जहां से बस बैठकर वह अपने गांव जाने के लिए वारासिवनी आई थी। इसी दौरान बस में उसे एक अज्ञात महिला मिली जिसके द्वारा वारासिवनी बस स्टैंड में पुलिस क्वार्टर गली में ले जाकर कई प्रकार की चर्चा कर पूरी तरह विश्वास में लिया गया। दवा की पर्ची आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच करने के बाद हीराबाई को अज्ञात महिला के द्वारा दवा के लिए १ लाख रूपये दिलाने का झांसा देकर उसके गले का मंगलसूत्र गेहूं मनी एवं कान की बाली उतर वाली गई। उपचार के बाद वृद्ध महिला के पास बचे १२०० रूपये भी उसे अज्ञात महिला के द्वारा निकाल कर बातों ही बातों में मौके से फ रार हो गई। इसके बाद वृद्ध महिला उसे ढूंढते हुए बस स्टैंड में इधर उधर भटक रही थी परंतु वह नहीं मिली तो इस बात की जानकारी हीराबाई माहुरकर के द्वारा अपने बच्चों को दी गई। जिन्होंने बस स्टैंड में पहुंचकर अपनी मां से घटना की जानकारी लेने के बाद पूरी घटना पुलिस थाने में जाकर सुनाई। घटना के बाद पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आकर महिला की निशानदेही पर पूरे बस स्टैंड और दीनदयाल चौक सहित अनेकों स्थानों का बारीकी से जायजा लेकर सीसीटीवी कैमरा की जानकारी लेता रहा। ताकि अज्ञात महिला की पहचान की जा सके परंतु करीब २ घंटे की खोजबीन के बाद भी पुलिस प्रशासन के हाथ में निराशा ही लगी।
लोगों में दहशत का माहौल बरकरार
नगर के बस स्टैंड में अज्ञात महिलाओं के द्वारा वृद्ध महिलाओं को निशाना बनाकर उनके सोने चांदी के जेवरात और नकद राशि को विभिन्न झांसा देकर ठगने का काम नया नहीं है। पूर्व में भी इस प्रकार की कई हरकतें सामने आ चुकी है किंतु आज तक किसी महिला को पकड़ नहीं गया है। अभी १० दिनों पूर्व ही फ व्वारा चौक के पास में एक महिला को विश्वास में लेकर जेवर लेकर भाग गया था। जिसमें पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर ईरानी गैंग का पर्दाफ ाश किया था। ऐसे में इस प्रकार की वारदातों में भी ईरानी गैंग की होने की संभावना प्रतीत हो रही है। तो वहीं ईरानी गैंग नगर सहित क्षेत्र में सक्रिय रहने की बात कही जा रही है जिससे नगर सहित क्षेत्र वासियो में एक दहशत और भय का माहौल बना हुआ है। जिसको लेकर जागरूक नागरिकों के द्वारा पुलिस प्रशासन से इन अज्ञात महिलाओं का पर्दाफाश करने की मांग की जा रही है। ताकि भविष्य में किसी महिला को किस प्रकार आधे रास्ते ठगना ना पड़े।
अज्ञात महिला ने दवा के लिए १ लाख रूपये दिलाने बोलकर उतारे जेवर- हीराबाई माहुरकर
पीडि़ता हीराबाई माहुरकर ने बताया कि मेरे कान और गले में सोने के जेवर थे अज्ञात महिला ने मेरे मंगलसूत्र के गेहूं मनी पेंडेंट और कान की बाली के साथ मेरे नकद १२०० रूपये निकाल कर रख लिए। मैं बालाघाट आंख का इलाज करने गई थी वहां से बस स्टैंड से बस बैठकर अकेली यहां पर आई बस में ही मुझे एक बाई मिली थी। उसने कहा कि मैं भी साथ आती हूँ उसने मेरे जेवर निकाल दवा की चिट्ठी पूछी आधार कार्ड देखी और कहा कि आपकी उम्र के मान से १ लाख रूपये आपको दवा के लिए मिलेगा मैं दिलाऊंगी। यह कहकर वह सोना और पैसा लेकर भाग गई जिसके बाद मैंने डोंगरमाली बिटोडी बस पूछ कर बैठी एक भैया के फोन से अपने घर के लोगों को जानकारी दी। यह आए फि र हमने पुलिस को बताएं करीब १ लाख रूपये का सोना रहा होगा।










































