शहर से गांव तक शराब दुकानों के विरोध की लहर तेज, देर रात तक प्रदर्शन जारी

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जिले में शराब दुकानों के स्थान परिवर्तन को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। अब यह विरोध केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग खुलकर सामने आने लगे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीण और महिलाएं सीधे शराब दुकानों के सामने पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं और दुकान हटाने की मांग कर रहे हैं। बीती रात हट्टा क्षेत्र के ग्राम सालेटेका में ग्रामीणों ने शराब दुकान के स्थान परिवर्तन को लेकर देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीच संचालित हो रही शराब दुकान से क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द दुकान को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है। वहीं शहर में भी शराब दुकानों को लेकर विरोध लगातार जारी है। बूढ़ी क्षेत्र में महिलाएं कई दिनों से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं। यहां देर रात तक महिलाएं दुकान के बाहर डटी रहती हैं और विरोध दर्ज करा रही हैं। इसी तरह मोतीनगर चौक क्षेत्र में भी महिलाओं का आंदोलन लगातार जारी है। महिलाएं रात में भी धरना स्थल पर ही रुक रही हैं। वे वहीं खाना बनाकर खा रही हैं और पूरी रात विरोध प्रदर्शन कर रही हैं ताकि शराब दुकान शुरू न हो सके। इस पूरे मामले में अब राजनीतिक समर्थन भी देखने को मिल रहा है। कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे भी महिलाओं के समर्थन में सामने आई हैं और धरना स्थल पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है।

जिले में नई शराब दुकानों के आवंटन के बाद शुरू हुआ विरोध अब लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। 1 अप्रैल से नई आबकारी व्यवस्था लागू होने के बाद शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी शराब दुकानों के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जो रिहायशी इलाकों, स्कूल-कॉलेजों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास संचालित हो रही हैं। महिलाओं ने इस आंदोलन की कमान संभाल ली है और अब शहर से लेकर गांव तक शराब दुकानों के स्थान परिवर्तन की मांग जोर पकड़ती जा रही है। शहर में सबसे पहले वार्ड क्रमांक 24 और वार्ड क्रमांक 2 में शराब दुकानों के स्थान परिवर्तन को लेकर विरोध शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद कुछ दुकानों का स्थान परिवर्तन भी किया गया, लेकिन इसके बाद जिस तरह वार्ड क्रमांक 25 में शराब दुकान को स्थानांतरित किया गया, उसका विरोध और अधिक तेज हो गया। वार्ड क्रमांक 25 में महिलाएं पिछले 10 से 15 दिनों से लगातार शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हुई हैं। महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। यहां दिनभर शराबियों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे महिलाओं, बच्चों और स्थानीय नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महिलाओं ने दुकान के सामने पंडाल लगाकर आंदोलन शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई महिलाएं रातभर वहीं रुककर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। गुरुवार रात महिलाओं ने देर रात करीब 2 बजे तक दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान दुकान में शराब पहुंचाने आए वाहनों का भी विरोध किया गया, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। कई वार्डवासी भी महिलाओं के समर्थन में देर रात तक दुकान के सामने डटे रहे। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि जब तक शराब दुकान को यहां से हटाया नहीं जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इधर शहर के बुढ़ी क्षेत्र में संचालित शराब दुकान को लेकर भी महिलाओं का विरोध लगातार जारी है। यहां भी स्थानीय महिलाएं कई दिनों से धरने पर बैठी हुई हैं और शराब दुकान को रिहायशी क्षेत्र से हटाने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि शराब की वजह से परिवार टूट रहे हैं और घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी शराब दुकानों को लेकर आक्रोश तेजी से बढ़ रहा है। बीते दिनों ग्राम सालेटेका और भरवेली के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था और शराब दुकानों के स्थान परिवर्तन की मांग की थी।

सालेटेका में भारी हंगामा चला देर रात तक

इसी विरोध के बीच 24 अप्रैल की रात ग्राम सालेटेका में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। शराब दुकान के स्थान परिवर्तन की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण अचानक दुकान के सामने एकत्रित हो गए। ग्रामीणों की भीड़ बढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस बल और शराब दुकान के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और कहा कि इस प्रकार अचानक एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि इस दौरान कोई अप्रिय घटना घटती है तो आम लोगों को नुकसान हो सकता है, इसलिए ग्रामीणों को नियमानुसार अपनी बात प्रशासन के सामने रखनी चाहिए। हालांकि ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे और स्पष्ट कहा कि शराब दुकान का स्थान परिवर्तन होना ही चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का सामाजिक माहौल खराब हो रहा है और युवाओं पर इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है।

महिला हितेषी सरकार क्यों नहीं आ रही – अनुभा

इस पूरे आंदोलन में अब बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे भी महिलाओं और स्थानीय लोगों के समर्थन में सामने आई हैं। विधायक ने कहा कि एक ओर सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शराब दुकान हटाने की मांग कर रही महिलाओं की आवाज को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन महिलाओं के साथ सख्ती कर रहा है, जबकि उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे। विधायक ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर से चर्चा की है, जहां उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के लिए योजनाएं बनाकर खुद को महिला हितैषी बताती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। पिछले 15 दिनों से महिलाएं अपने घर-परिवार छोड़कर सड़कों पर आंदोलन कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

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