Rupee vs Dollar : पश्चिम एशिया में जानी तनाव, महंगे कच्चे तेल और बढ़ते ट्रेड डेफिसिट के दबाव में भारतीय रुपया बुधवार को इतिहास के सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया इंट्राडे में 95.80 तक टूट गया। इसी बीच सरकार ने सोना और चांदी आयात पर ड्यूटी बढ़ाकर बड़ा झटका दिया है, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई।
रिकॉर्ड लो पर पहुंचा रुपया
भारतीय मुद्रा बुधवार को डॉलर के मुकाबले 95.80 के ऑल टाइम लो तक गिर गई। मंगलवार को रुपया 95.68 पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है।
ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है, जबकि WTI क्रूड 100 डॉलर के ऊपर ट्रेड कर रहा है। ईरान-अमेरिका शांति वार्ता टूटने और होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधा की आशंका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में घबराहट बढ़ा दी है।गोल्ड-सिल्वर ड्यूटी बढ़ी
विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए वित्त मंत्रालय ने देर रात बड़ा फैसला लेते हुए सोना और चांदी आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया। सरकार का मानना है कि इससे बुलियन इंपोर्ट घटेगा और ट्रेड डेफिसिट नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
यह फैसला प्रधानमंत्री Narendra Modi की उस अपील के दो दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की बात कही थी।
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
कमजोर रुपये और महंगे तेल के दबाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। BSE SENSEX 74,439 पर कमजोर खुला लेकिन बाद में रिकवरी करते हुए 74,668 पर बंद हुआ। वहीं NIFTY 50 23,429 के ऊपर बंद होने में सफल रहा।
FIIs की भारी बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। 12 मई 2026 को FIIs ने कैश मार्केट में 1,959.39 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इंडेक्स फ्यूचर्स में 2,507.82 करोड़ रुपये और स्टॉक फ्यूचर्स में 651.03 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है।
करेंसी डेरिवेटिव मार्केट में क्या हुआ
USDINR मई फ्यूचर 95.73 के आसपास ट्रेड करता दिखा। करेंसी मार्केट में वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट दोनों ऊंचे बने रहे, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता का संकेत है।
| कॉन्ट्रैक्ट | LTP | % बदलाव | वॉल्यूम | ओपन इंटरेस्ट |
|---|---|---|---|---|
| USDINR 26MAY26 FUT | 95.7325 | -0.01% | 7.42 लाख | 19.14 लाख |
| USDINR 25JUN26 FUT | 96.09 | +0.03% | 37,957 | 87,545 |
| EURINR 26MAY26 FUT | 112.35 | -0.18% | 1,532 | 28,805 |
| GBPINR 26MAY26 FUT | 129.49 | -0.10% | 1,472 | 33,449 |
S&P ने क्या कहा
हालांकि वैश्विक रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने कहा कि विदेशी पूंजी निकासी को लेकर चिंता जरूरत से ज्यादा हो सकती है। एजेंसी के मुताबिक भारत के पास पर्याप्त आर्थिक बफर मौजूद हैं और FDI फ्लो में सुधार निवेशकों के भरोसे को दिखाता है।










































