राशन दुकानों से पीडीएस गेहूं चावल चोरी करने वाले गिरहों का पुलिस ने किया खुलासा अंतरराज्यीय गिरोह के 04 आरोपी गिरफ्तार

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पदमेश न्यूज़,बालाघाट।पिछले दो वर्षों से जिले के गढ़ी, बैहर, बिरसा और मलाजखंड थाना क्षेत्र के विभिन्न ग्रामो में स्थित सरकारी उचित मूल्य की राशन दुकानों से, पीडीएस चावल और गेहूं की चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। जिनके पास से पुलिस ने, 13 राशन दुकानों से चोरी किए गए 250 क्विंटल पीडीएफ चावल और गेहूं को जप्त किया है।वही इस मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि इस मामले में गिरोह का एक सदस्य आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।बताया गया कि अनाज चोरी का ये सिलसिला जिले में पिछले दो सालों से चल रहा था। शिकायत पर पुलिस ने जब सूक्ष्मता से इसकी जांच की, तो इसमें अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता पाई। जिसका खुलासा बुधवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने किया है।

आरोपियों में इनका शमावेश
सरकारी अनाज चोरी करने वाले इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है,जबकि एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया गया है।जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में सानू पिता रज्जाक मंसूरी (27) कबीरधाम,(छग), रज्जन पिता गजराज वर्मा (26) कबीरधाम, (छग), सद्दाम पिता रुस्तम शाह (28) जालौन, (उप्र), और रिजवान पिता जारअली शाह (28) जालौन, (उप्र ) के नाम का समावेश है जबकि चोरी के इसी मामले में लिप्त एक अन्य आरोपी इंद्रजीत वेदांत फरार बताया गया है। जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है जिसे भी जल्द गिरफ्तार किए जाने की बात पुलिस द्वारा कही गई है

इन क्षेत्र की राशन दुकानों से चोरी किया गया था अनाज
पुलिस अधीक्षक से मिली जानकारी के मुताबिक इन आरोपियों ने गढ़ी क्षेत्र के ग्राम घुईटोला, बैहर क्षेत्र के ग्राम जत्ता, मजगांव, डुडगांव एवं करेली, बिरसा क्षेत्र के ग्राम खुर्सीपार तथा मलाजखंड क्षेत्र के ग्राम टिंगीपुर, पल्हेरा, परसाही और सुरवाही स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकानों को निशाना बनाया था। वो दुकानों के शटर, चैनल गेट और ताले तोड़कर खाद्यान्न चुराते थे। विशेष पुलिस टीम ने संभावित क्षेत्रों में गश्त, नाकाबंदी, तकनीकी विश्लेषण एवं मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पल्हेरा की राशन दुकान में चोरी की सूचना पर नाकाबंदी की गई। संदिग्ध पिकअप वाहन का बछेरापाठ-भोरा जंगल मार्ग पर पीछा कर घेराबंदी की गई, जिसमेंचालक सहित चार आरोपियों को पकड़ लिया गया। वही कोर्ट से आरोपियों को 10 दिनों की रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। जिसमें आगे भी और खुलासे होने की बात कही जा रही है।

उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र तक फैला था आरोपियों का नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक से मिली जानकारी के मुताबिक ये गिरोह बालाघाट ही नहीं, मंडला, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) में राशन दुकानों से पीडीएस चावल और गेहूं पर हाथ साफ कर रहे थे। इसके बकायदा पिकअप वाहन का इस्तेमाल किया जाता था।बताया गया कि आरोपियो ने बाजार में ऊंचे दामों पर चोरी किए अनाज को बेचकर लाभ कमाने की नीयत से घटना को अंजाम दिया था। पुलिस को चोरी किए अनाज की खरीदी करने वाले कुछ अनाज व्यापारियों की भी जानकारी मिली है।वहीं इसी मामले में कुछ संदिग्धों को भी चिन्हित किया गया है, आगे भी पुलिस द्वारा इसी मामले में अन्य खुलासे होने की बात कही जा रही है।

फरवरी 2025 से जिले में हुई थी इस चोरी की शुरुवात
आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया की राशन दुकानों से अनाज चोरी के सिलसिले की शुरुआत फरवरी 2025 में गढ़ी के ग्राम बोदा से हुई थी। इसके बाद जून 2025 को गढ़ी के ही खजरा में भी चाेरी सामने आई। चोरी का ये सिलसिला बढ़ता गया, जो 13 दुकानों और 250 क्विंटल की मात्रा तक पहुंच गया। छग के कबीरधाम और मंडला में भी ऐसे 15 प्रकरण सामने आए थे। बालाघाट पुलिस ने एसआइटी गठित की और पड़ताल में जुटी, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बिरसा की एक राशन दुकान में चावल चोरी की घटना की जांच में जब दुकान के मैनेजर के मोबाइल की जांच की गई, तो उसमें वही मोबाइल नंबर मिला, जो मंडला और अन्य दुकानों में चोरी के समय पुलिस को मिला था।बताया गया कि आरोपी बिरसा की दुकान में चोरी की नीयत से पहुंचे थे और मैनेजर को झांसा देकर अपना नंबर दिया था। यही वो कड़ी थी, जिससे पुलिस आरोपितों तक पहुंची और कड़ी से कड़ी जोड़कर इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

दिखावे के खोलते थे कबाड़ी की दुकान
पुलिस द्वारा बताया गया कि आरोपी जिस इलाके में अनाज चोरी करते थे, वहां कबाड़ी बनकर पुलिस को चकमा देते थे। कबीरधाम में भी उन्होंने यही तरीका अपनाया। बालाघाट में बैहर में भी आरोपितों ने बकायदा एक दुकान खोली थी, जिसके जरिये वो खुद को कबाड़ का काम करने वाला दिखाकर राशन दुकानों में मौका पाकर अनाज चुराते थे। दिन में रैकी के बाद रात में घटना को अंजाम देते थे। बैहर में आरोपितों की कबाड़ की दुकान से लोहे के टुकड़े व अन्य टूटी-फूटे सामान ही मिले हैं। अंतराज्यीय गिरोह के कारनामों की जांच के लिए वर्तमान में मंडला पुलिस बालाघाट में है। कबीरधाम पुलिस भी बालाघाट आएगी और आरोपियो से पूछताछ करेगी।बताया गया कि आरोपियो को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।वही फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की एक टीम जालौन (उप्र) रवाना की गई है।

इनकी रही अहम भूमिका:
प्रकरण के खुलासे में गठित एसआईटी टीम के सदस्य एसआई अमित अग्रवाल, थाना प्रभारी बिरसा उप निरीक्षक अभिषेक तोमर, एआई विनोद नागर, धर्मेन्द्र जोनवार, मनोज मांगरे, शिवलाल परते, एएसआई राजेश सनोडिया, प्रआर. राधेश्याम गायथने, एएसआई कालीराम उइके, आर. ब्रजलाल उइके सहित अन्य की अहम भूमिका रही।

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