नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम गंभीर सवालों के घेरे में है। इसे इसी साल 12वीं क्लास में लागू किया गया था। मूल्यांकन में पारदर्शिता, गलतियां खत्म करने और जल्द रिजल्ट जैसे तर्कों के साथ यह लाया गया था लेकिन आज हालात यह हैं कि इसकी विश्वसनीयता ही संशय के दायरे में है। वहीं, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में पेपर लीक के चलते लाखों स्टूडेंट्स और अभिभावक इस साल भी परेशान हुए। आखिर देश के परीक्षा सिस्टम में कहां खामियां हैं, क्या चुनौतियां हैं और क्या हल हैं, जैसे सवालों पर एनबीटी ने CBSE के पूर्व अध्यक्ष अशोक गांगुली से बातचीत की।









































