फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में बृहस्पतिवार को विरोध मार्च निकाला और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता एवं ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य कृष्ण मोहन का नाम भी वकीलों द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।
वकीलों ने अदालत परिसर से श्रीराम जन्मभूमि थाने तक मार्च निकाला और शिकायत सौंपकर मांग की कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी
इस दौरान वकीलों ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ वकीलों ने आरोप लगाया कि धक्का-मुक्की में उन्हें मामूली चोटें भी आई हैं।थाने पहुंचने पर कई वकील थाना प्रभारी के कार्यालय में इकट्ठा हो गए और तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने लगे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग
कालिका प्रसाद मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा कि बार एसोसिएशन ने कई नामजद व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘एक लिखित शिकायत सौंप दी गई है। पांच लोग शिकायत की पावती लेने गए हैं। यदि हमें उसकी प्रति नहीं दी जाती है तो हमारा विरोध जारी रहेगा। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायत में चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन (पहले दर्ज शिकायत में शिकायतकर्ता) के नाम शामिल हैं। अब हम देखेंगे कि श्रीराम जन्मभूमि थाना पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।’
तो बार एसोसिएशन आंदोलन शुरू करेगा
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करती है तो बार एसोसिएशन आंदोलन शुरू करेगा।बार एसोसिएशन ने पहले घोषणा की थी कि वे इस मामले में आरोपियों का बचाव नहीं करेंगे और उनका प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखने वाले किसी भी वकील के लिए प्रति आरोपी 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी थी।
अयोध्या के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है
नगर पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराने के संबंध में फैजाबाद बार एसोसिएशन की ओर से शिकायत पुलिस को प्राप्त हुई है और उसकी जांच की जा रही है।इस बीच, राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर जारी विवाद के मद्देनजर अयोध्या के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है।
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय, कारसेवकपुरम और ट्रस्ट से जुड़े अन्य प्रमुख परिसरों में सुरक्षा कड़ी की गई है। तीर्थ क्षेत्र कार्यालय में चार उपनिरीक्षकों की तैनाती की गई है, जबकि क्षेत्र में प्रादेशिक सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की एक कंपनी भी तैनात की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाई गई है जिसमें राय और मिश्रा के कथित इस्तीफों समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
‘मीडिया कवरेज पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है’
सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि मीडिया कवरेज पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हालांकि, फिलहाल पत्रकारों को केवल मंदिर परिसर के निकट लगाए गए अवरोधक तक ही जाने की अनुमति है। इसके आगे केवल श्रद्धालुओं को दर्शन और आरती के लिए प्रवेश दिया जा रहा है।यह विवाद तब शुरू हुआ था जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का आरोप लगाया था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी जिसके बाद 25 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं ने चंपत राय का बयान भी दर्ज किया है, जिन्होंने हाल में ‘नैतिक जिम्मेदारी’ लेते हुए ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफे की पेशकश की थी।








































