पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर के धार्मिक इतिहास में आज सोमवार २० जुलाई को एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। सर्व हिन्दू संगठन लालबर्रा और इस्कॉन मंदिर (बालाघाट) के संयुक्त तत्वाधान में लालबर्रा में पहली बार भगवान जगन्नाथ की पावन व भव्य रथ यात्रा अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में निकाली गई। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए पूरा क्षेत्र सनातनी रंग में रंग गया और सडक़ों पर श्रध्दा का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा।
अमोली बजरंग मंदिर से शुरू हुआ आस्था का सफर
लालबर्रा में पहली बार धूमधाम से निकाली गई भगवान जगन्नाथ भी भव्य रथयात्रा। यह यात्रा शाम ५ बजे अमोली स्थित बजरंग मंदिर में विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। तत्पश्चात भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के विग्रहों को भव्य रूप से सजाये गये रथ पर विराजमान करवाया गया। जिसके बाद डीजे की धुन पर रथयात्रा निकाली गई। जैसे ही भक्तों ने जय जगन्नाथ और हरे कृष्णा के उदघोष के साथ रथ के रस्से को खींचना शुरू किया, पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। अमोली से शुरू होकर रथ यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया और रथ पर फूलों की वर्षा भी की गई। साथ ही उपस्थित श्रध्दालुओं ने भक्ति गीतों पर जमकर नृत्य भी किये। यह रथयात्रा अमोली एवं नगर मुख्यालय का भ्रमण करते हुए अपने अंतिम गंतव्य मानपुर हॉस्पिटल कॉलोनी स्थित मनकामेश्वर मंदिर पहुंची। जहां मंत्रो’चार के बीच भगवान की भव्य महाआरती उतारी गई, जिससे क्षेत्र का वातावरण गुंजायमान हो उठा। वहीं रथ यात्रा के समापन के पश्चात आयोजित विशाल भंडारे में हजारों धर्मप्रेमियों ने पूरी श्रध्दा के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया। पहली बार निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रध्दालुजन शामिल होकर भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किये। जिससे नगर मुख्यालय भक्तिमय नजर आया।
सनातन संस्कृति को मजबूत करने का सफल प्रयास
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा लालबर्रा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब भगवान जगन्नाथ स्वयं नगर भ्रमण पर निकलकर भक्तों को दर्शन देने पहुंचे। एक कदम प्रभु की ओर, एक संकल्प सनातन के लिए का यह ध्येय वाक्य आज पूरी तरह सार्थक सिध्द हुआ। इस यात्रा ने सर्वसमाज को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। वहीं पहली बार हो रहे इस विशाल आयोजन को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर वॉलिंटियर्स मुस्तैद रहे, जिससे पूरी यात्रा गरिमापूर्ण और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।










































