पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा के अंतर्गत आने वाली बहियाटिकुर बीट क्रमांक ४४३ क्रमांक के
के पोटूटोला जंगल में बाघ दिवस के अवसर पर बुधवार को राष्ट्रीय पशु बाघ का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है। बाघ का शव संदिग्ध अवस्था में देखा गया, जिसके बाद जंगल और आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला दलबल के साथ मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लेेने के बाद मृत बाघ का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मृत वन्यप्राणी बाघ के शरीर में धारदार वस्तु के निशान जैसे पाये गये है जिससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि बाघ का शिकार किया गया है या फिर दो बाघों में वर्चस्व की लड़ाई के चलते बाघ की मौत हुई होगी। वहीं वन विभाग का भी कहना है कि दो बाघों के वर्चस्व की लड़ाई में एक बाघ की मौत हुई है। वन विभाग के द्वारा मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।
शिकार की आशंका, जांच में जुटा वन विभाग
आपकों बता दे दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा के अंतर्गत आने वाले बटियाटिकुर के पोटूटोला ग्राम जंगल से लगा हुआ है। बुधवार को जंगल क्षेत्र में दोपहर के समय वन्यप्राणी बाघ को मृत अवस्था में देखा गया। जिसके बाद वन विभाग के उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी गई। वहीं जंगल क्षेत्र में बाघ के शव मिलने की खबर लगते ही क्षेत्र में हडक़प मच गया। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी घटना स्थल पहुंचे तो पोटूटोला के आगे जंगल क्षेत्र के बीट क्रमांक ४४३ में बाघ मृत अवस्था में दिखाई दिया, जिसके शरीर में निशान भी पाये गये है, जिससे शिकार या हत्या की प्रबल आशंका जताई जा रही है। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पायेगा। वन अमले ने वरिष्ठ अधिकारियों और वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों की मौजूदगी में शव का नियमानुसार पोस्टमार्टम करवाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। यदि इसमें किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही की जायेगी। वहीं बाघ दिवस के दिन ही राष्ट्रीय पशु बाघ का शव मिलने से वन्यजीव प्रेमियों में इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है। वन्यजीव प्रेमियों ने वन विभाग के आला अधिकारियों ने इस मामले की सूक्ष्मता से जांच कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर काम करने की मांग की है।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में बीते एक साल के भीतर बाघ की मौत की यह दूसरी घटना है। एक वर्ष पुर्व बहियाटिकुर के पोटूटोला जंगल क्षेत्र में बाघ मृत अवस्था में मिला था। जिसकी जानकारी वन विभाग के उच्चाधिकारियों को दिये बिना ही दहसंस्कार कर दिया गया था। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्यवाही भी हुई थी। वहीं एक साल के अंदर दुसरी घटना उसी जंगल क्षेत्र में हुआ है जहां बुधवार को बाघ मृत अवस्था में मिला है। इस तरह से एक ही क्षेत्र में एक साल के अंदर दो वन्यप्राणी बाघ का शव मिला है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जंगलों में गश्त और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के दावों पर अब बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। सुरक्षा व्यवस्था में चूक एक साल में दो बाघों की संदिग्ध मौत यह दर्शाती है कि क्षेत्र में शिकारियों का नेटवर्क सक्रिय है। जंगल के अंदर तक हथियारों के साथ लोगों की पहुंच वन विभाग की बीट गश्ती प्रणाली की पोल खोल रही है। फिलहाल वन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जंगल के आसपास के गांवों और संभावित संदिग्धों से पूछताछ कर रहा है। देखना होगा कि विभागीय जांच में इस राष्ट्रीय पशु बाघ की मौत का सच कब तक सामने आता है।
्र्रसंदेह पर ताराचंद मडावी को वन विभाग ने पकड़ा
पोटूटोला बहियाटिकुर जंगल क्षेत्र में बाघ का शव मिलने के बाद वन विभाग के आला अधिकारी घटना स्थल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। डॉग स्क्वायड की मदद से सर्चिंग की जा रही थी तो उक्त डॉग स्क्वायड ग्रामीण ताराचंद मडावी के घर पहुंचा। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा सर्चिंग की गई तो उसके मकान में सांभर का सिंग मिला है। सांभर का सिंग मिलने पर उक्त व्यक्ति पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है और मृत अवस्था में मिले बाघ के शव की घटना को उससे जोड़ा जा रहा है। वन विभाग के द्वारा संदेह पर ताराचंद मड़ावी को पकडक़र अभिरक्षा में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं ताराचंद मड़ावी का कहना है कि पुर्वजों के समय से सांभर का सिंग घर पर रखा हुआ है, बिना तथ्य के मुझ पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है जो गलत है, मैं निर्दोष हु।
वन विभाग के एसडीओं यशपाल मेहरा से दूरभाष पर बहियाटिकुर पोटूटोला के जंगल क्षेत्र में राष्ट्रीय पशु बाघ की मौत किस कारण से हुई है और आगे क्या कार्यवाही की जायेगी के संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया किन्तु संपर्क नही हो पाया।
बाईट – १ ताराचंद मड़ावी ग्रामीण।
२ कमलकिशोर ठाकरे सरपंच प्रतिनिधि – बहियाटिकुर।
३ अनीस खान वन्यजीव प्रेमी – लालबर्रा।









































