नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) को दुश्मन की मिसाइलों का पता लगाने वाला एंटीना चाहिए, जो इस वक्त बड़ी चुनौती बना हुआ है। दरअसल, खाड़ी और यूक्रेन युद्धों की वजह से सप्लाई-चेन में रुकावट आ रही है। साथ ही युद्ध के चलते इजरायल भी मरम्मत या खरीद की अपनी सर्विस नहीं दे पा रहा है। ऐसे में भारतीय वायुसेना अब यह चाहती है कि देसी कंपनियां ही लड़ाकू विमानों के कलपुर्जों के साथ-साथ दुश्मन की मिसाइलों की दशा और दिशा बताने वाले एंटीना बनाएं।विमानों के कल-पुर्जे की सप्लाई-चेन में आ रहीं दिक्कतें
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय वायुसेना के सामने विमानों के कल-पुर्जे, जरूरी स्पेयर पार्ट्स और मिसाइलों की ट्रैकिंग करने वाले एंटीना की कमी हो गई है। खाड़ी के युद्ध् और रूस-यूक्रेन संघर्ष की वजह से सप्लाई-चेन में दिक्कतें आ रही हैं। भारतीय वायुसेना ने इस बारे में एक डॉक्यूमेंट जारी किया है।










































