खनिज संसाधन विभाग द्वारा मुंबई के आईटीसी मराठा में ‘मध्य प्रदेश में हीरा खनन की संभावनाएं’ विषय पर राउंड टेबल चर्चा आयोजित की गई। इसमें प्रमुख खनन कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर प्रदेश के हीरा खनन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने और इसकी गति बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।खनन की क्षमता बढ़ाने पर फोकस
प्रदेश शासन ने हीरा खनन क्षमता को नई गति देने, निवेश के अवसरों को बढ़ाने तथा सतत एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हीरा खनन इको सिस्टम विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विभाग का उद्देश्य है कि नीलामी के बाद खनन गतिविधियां शीघ्र प्रारंभ हों और प्रदेश की खनिज संपदा का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
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खनन में तकनीक पर जोर
मप्र में हीरा खनन की संभावनाओं, आगामी हीरा-युक्त खनिज ब्लॉकों की नीलामी तथा नीलाम किए जाने वाले ब्लॉकों को समयबद्ध तरीके से खनन गतिविधियों के लिए संचालित करने से जुड़े विषयों पर हुई।
चर्चा में उद्योग प्रतिनिधियों ने हीरा खनन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और व्यावहारिक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए तथा निवेशकों की सुविधा के लिए आवश्यक उपाय सुझाए।
चर्चा के दौरान सतत खनन पद्धतियों, आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियामकीय प्रक्रियाओं को सुगम बनाने तथा निवेश-अनुकूल नीतिगत वातावरण विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
प्रतिभागियों ने कहा कि इन उपायों से हीरा खनन क्षेत्र में दीर्घकालीन निवेश और विकास को गति मिल सकती है।









































