डेंजर रोड से बजरंग घाट तक देर रात चला अभियान, कान पकड़वाकर लगवाई उठक-बैठक; ड्रिंकिंग ड्राइव पर भी निगरानी,
शहर में सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों के परिसरों और सुनसान सड़कों पर खुलेआम शराब पीने वालों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने देर शाम और रात के समय शहर के अलग-अलग हिस्सों में गश्त बढ़ाते हुए ऐसे लोगों पर कार्रवाई शुरू की है, जो सार्वजनिक जगहों को शराबखोरी का अड्डा बना रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से देर रात खुले में शराब पीने वालों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
कोतवाली थाना प्रभारी अजय गुर्जर के अनुसार पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों, प्रमुख चौक-चौराहों और सुनसान मार्गों पर खुले में शराब का सेवन कर रहे हैं। खासकर डेंजर रोड और बजरंग घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर देर शाम के बाद शराब पीने वालों के जमावड़े की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसके बाद पुलिस ने केवल शिकायत आने का इंतजार करने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में पैदल गश्त और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्णय लिया। 11 सितंबर की देर रात से लेकर 12 सितंबर की शाम तक पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के कई संवेदनशील और सुनसान इलाकों में दबिश दी। बस स्टैंड, हॉस्पिटल रोड, उत्कृष्ट विद्यालय मैदान, हनुमान चौक, शराब दुकान के आसपास सहित कई स्थानों पर पुलिस टीम पहुंची और खुले में शराब पी रहे लोगों को मौके पर ही रोककर समझाइश दी। कुछ मामलों में पुलिस ने कार्रवाई भी की। पुलिस की निगरानी केवल शहर के व्यस्त इलाकों तक सीमित नहीं रही। डेंजर रोड क्षेत्र में भी पुलिस ने पहुंचकर खुले में शराब सेवन कर रहे लोगों को पकड़ा। यहां पुलिस ने शराब पी रहे लोगों को सार्वजनिक स्थान पर ऐसा कृत्य नहीं करने की हिदायत दी और मौके पर ही सख्ती दिखाते हुए उठक-बैठक लगवाई तथा कान पकड़वाकर चेतावनी दी। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और उससे जुड़ी अव्यवस्था पर अंकुश लगाना बताया जा रहा है। थाना प्रभारी अजय गुर्जर ने बताया कि खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिस शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी नजर रख रही है। ऐसे मामलों में ड्रिंकिंग ड्राइव से संबंधित कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि इससे आसपास रहने वाले लोगों, राहगीरों और परिवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार शराब के नशे में विवाद और अन्य घटनाओं की स्थिति भी बन जाती है। कोतवाली पुलिस द्वारा अचानक अलग-अलग स्थानों पर गश्त और दबिश दिए जाने से उन लोगों में खलबली है, जो देर शाम सुनसान इलाकों में बैठकर खुलेआम शराब का सेवन करते हैं। पुलिस ने संकेत दिया है कि यह अभियान केवल एक-दो दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिकायतों और संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर आगे भी कार्रवाई जारी रखी जाएगी। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी रोकने के लिए पुलिस की सक्रियता से आम नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि अब बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की यह सख्ती कितने समय तक लगातार जारी रहती है और क्या कार्रवाई के बाद शहर के उन स्थानों पर दोबारा शराबखोरी पर पूरी तरह रोक लग पाती है, जहां लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं।










































