Nitin Gadkari RTO: मध्य प्रदेश में 21 साल बाद ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा’ की शुरुआत हो गई है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने आरटीओ अधिकारियों के कामकाज पर मजेदार और चुटीला तंज कसा।भोपाल: मध्य प्रदेश में शुक्रवार को ‘ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा ‘ की शुरुआत के साथ ही करीब 21 सालों के बाद एक बार फिर सरकारी बस सेवा की धमाकेदार वापसी हो गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ मिलकर हरी झंडी दिखाते हुए इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर आयोजित भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कुछ ऐसा कह दिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। गडकरी के उस बयान को सुनकर मंच पर मौजूद सीएम मोहन यादव भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
‘RTO के बहुत से अधिकारी गांधीवादी हैं’
दरअसल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी परिवहन कार्यालय द्वारा बसों को फिटनेस सर्टिफिकेट देने से पहले की जाने वाली जांच का जिक्र कर रहे थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने नई सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि नए सेफ्टी रीजीम में हर बस के लिए एक अलग चेकलिस्ट तैयार की जाएगी, जिसे वाहन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चेकलिस्ट के फिजिकल और वीडियो इंस्पेक्शन के बिना किसी भी बस का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।ये बात RTO के अधिकारी ध्यान में रखिए। मुझे मालूम नहीं, पर बहुत से RTO ऑफिसर गांधीवादी हैं, गांधी के नोट दिखते हैं तो फटाफट ठप्पे मार देते हैं। जरा याद रखना आप, अगर गलत बस को सेंक्शन किया तो आपकी नौकरी जाएगी।
नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री
‘RTO ऑफिस में कोई आना नहीं चाहिए’
भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि वे देश के परिवहन मंत्री हैं और जनता से हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि सरकार ने 17 सेवाएं डिजिटल कर दी हैं, इसलिए अब किसी को भी आरटीओ ऑफिस जाने की जरूरत ही नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य आम जनता के जीवन को अधिक से अधिक सुगम बनाना है।सरकार की तारीफ की
इस नई बस सेवा की तारीफ करते हुए गडकरी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का यह इनोवेटिव मॉडल गांव, गरीब, मजदूर और किसान सहित समाज के हर वर्ग के लिए आवागमन को बेहद सुगम बनाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पीएम-ई बस सेवा के तहत मध्य प्रदेश में 972 बसें स्वीकृत हुई हैं और इस योजना की सफलता के बाद प्रदेश में कुल 25,000 बसों का विस्तार किया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।









































