Kuno National Park: भारत में जन्मे एक नर चीते और बोत्सवाना से लाए गए दूसरे नर चीते के बीच बिना किसी खून के रिश्ते के गहरी दोस्ती हो गई है। कूनो नेशनल पार्क में दोनों साथ में शिकार साझा कर रहे हैं और उनका यह ‘भौकाल’ वन्यजीव प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।श्योपुर: कूनो नेशनल पार्क में भारत के चीता प्रोजेक्ट से एक बेहद रोमांचक और अनोखी खबर सामने आई है। यहां दो ऐसे नर चीतों के बीच पक्की यारी हो गई है, जिनका आपस में खून का कोई रिश्ता नहीं है। एक तरफ जहां भारत की धरती पर जन्मा नर चीता है, तो दूसरी तरफ बोत्सवाना से लाया गया मेहमान चीता है। दोनों की यह जोड़ी अब कूनो के जंगलों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
अपनी तरह का पहला मामला
कूनो के अधिकारियों के मुताबिक, आमतौर पर नर चीतों का कोलिशन केवल सगे भाइयों के बीच ही बनता है, लेकिन अलग-अलग महाद्वीपों और जेनेटिक्स से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों चीतों का आपस में घुल-मिल जाना एक बेहद दुर्लभ घटना है।कैसे हुई इस अनोखी दोस्ती की शुरुआत?
इन दोनों की दोस्ती की कहानी किसी योजना के तहत नहीं हुई थी। मार्च के आसपास KNG23 को चोट लगने के कारण अपनी मां और भाई-बहनों से अलग कर आइसोलेशन में रखा गया था, जबकि CCB4 इस साल 28 फरवरी को बोत्सवाना से अकेला कूनो पहुंचा था।इन दोनों युवा नर चीतों को बाड़े के आमने-सामने रखा गया था, जहां दोनों ने एक-दूसरे में दिलचस्पी दिखाई। बाद में जब फील्ड टीम ने इनके बीच की बाड़ को हटाया, तो इनकी पहली मुलाकात भोजन पर हुई। दोनों ने बिना किसी आक्रामकता के एक शिकार को आपस में साझा किया। इसके बाद से वे साथ रहने लगे, एक-दूसरे को पुकारते और साथ मिलकर घूमते नजर आते हैं।
कूनो में चीता प्रोजेक्ट की स्थिति
विशेषज्ञों का कहना है कि नर चीतों का यह साथ उनकी सुरक्षा और शिकार करने में काफी मददगार साबित होता है। कूनो नेशनल पार्क के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा का भी मानना है कि यह चीतों के लचीले सामाजिक व्यवहार का एक बेहतरीन उदाहरण है। वर्तमान में कूनो और गांधीसागर को मिलाकर कुल चीतों की संख्या 52 तक पहुंच गई है, जिसमें भारत में जन्मे 32 चीते भी शामिल हैं।
भले ही इन दोनों बेगाने चीतों के बीच खून का रिश्ता न हो, लेकिन इनकी यह पक्की यारी और मैदान पर इनका ‘भौकाल’ यह साबित कर रहा है कि कूनो में चीतों की कुदरती और स्वाभाविक जीवनशैली अब तेजी से पनप रही है।










































