पोर्टल की धीमी गति और सर्वर डाउन से घंटों इंतजार के बाद भी नहीं हो पा रहा पंजीयन
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी खैरलांजी क्षेत्र के किसान इन दिनों समर्थन मूल्य पर शासन को धान की उपज विक्रय करने के लिए होने वाले पंजीयन को लेकर खासे परेशान हैं। पंजीयन कराने के लिए किसान लगातार सेवा सहकारी समितियों और ऑनलाइन सेंटरों के चक्कर लगा रहे है,लेकिन पोर्टल की धीमी गति एवं सर्वर संबंधी समस्या के चलते घंटों इंतजार करने के बाद भी उनका पंजीयन नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि कई किसान पिछले चार पांच दिनों से लगातार पंजीयन कराने के लिए पहुंच रहे है,लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि १० अक्टूबर निर्धारित बताई जा रही है। अब अंतिम तिथि में कुछ ही दिन शेष रहने के कारण किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
पांच पांच घंटे इंतजार फिर भी नहीं हो रहा काम
वारासिवनी खैरलांजी क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में किसान खरीफ सीजन में धान की खेती करते हैं। वर्तमान में किसान अपनी धान की फ सल को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन कराने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। इसके लिए नगर के ऑनलाइन सेंटरों के साथ ही विभिन्न स्थानों पर संचालित सेवा सहकारी समितियों में किसानों की भीड़ दिखाई दे रही है। पंजीयन कराने के लिए उन्हें कई कई घंटे कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। करीब चार से पांच घंटे इंतजार करने के बावजूद पोर्टल नहीं चलने के कारण उनका काम पूरा नहीं हो रहा। किसान लगातार कुछ दिनों से प्रयास कर रहे हैं लेकिन सर्वर डाउन अथवा पोर्टल की धीमी गति के कारण पंजीयन नहीं हो पा रहा है। पंजीयन की समस्या का असर किसानों के दैनिक कार्यों पर भी पड़ रहा है। वर्तमान समय में खेतों में खरीफ की फ सल को लेकर किसानों के लिए महत्वपूर्ण कृषि कार्य चल रहे हैं। इसके बावजूद पंजीयन की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण किसान अपने खेती किसानी और अन्य जरूरी कार्यों को छोडक़र ऑनलाइन सेंटर एवं समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। एक ओर मौसम की मार से खरीफ की फ सल प्रभावित हुई है और दूसरी ओर अब उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन कराने में परेशानी सामने आ रही है। यदि पंजीयन ही समय पर नहीं हो पाया तो किसान अपनी उपज को निर्धारित समर्थन मूल्य पर बेचने के अवसर से वंचित हो सकते हैं। पंजीयन की अंतिम तिथि में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में यदि पोर्टल की तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो आगामी दिनों में पंजीयन केंद्रों पर किसानों की भीड़ और बढऩे की संभावना है। किसानों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि पंजीयन पोर्टल की तकनीकी समस्या को तत्काल दूर कर उसकी गति बढ़ाई जाए ताकि सभी किसान निर्धारित समयावधि में अपना पंजीयन करा सकें। साथ ही पंजीयन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने की मांग भी किसानों द्वारा की जा रही है।
सर्वर की गति धीमी चलने से किसानों को भारी समस्या हो रही है-कीर्ति रहाँगडाले
किसान कीर्ति रहाँगडाले ने बताया कि मैं पंजीयन करवाने के लिए आया था सर्वर बैठा है। पंजीयन लेट होगा बता रहे हैं अंतिम तारीख भी अब पास आ गई है यदि पंजीयन नहीं हो पाया तो नुकसान होगा। हमें अपनी खेती भी देखना होता है समय नहीं मिल पाता है और जब भी पंजीयन के लिए आते हैं तो वह नहीं होता है। यह अकेले हमारी नहीं हर किसी की और हर जगह की दिक्कत है जो पोर्टल में पंजीयन होना है, वह कभी बंद हो जाता है तो गति कम हो जाती है तो उसे व्यवस्थित करना चाहिए। अंतिम तारीख भी आगे बढ़ाई जानी चाहिए अभी १० तारीख है उसे २० कर देना चाहिए ताकि किसान वंचित ना हो। इससे सभी किसानों को लाभ मिलेगा वरना किसान अपना कर्ज भी चुकता नहीं कर पाएगा मैं चार दिनों से आ रहा हूं और कहीं भी पंजीयन नहीं हो पा रहा है।
धान पंजीयन की तिथि को बढ़ाना चाहियें- पंकज पटले
किसान पंकज पटले ने बताया कि दो से तीन बार आकर हम वापस निराश होकर लौटे हैं हर बार पंजीयन की कोशिश करें हैं पर नहीं हुआ। समिति और ऑनलाइन सेंटर दोनों जगह स्थिति खराब है,सर्वर बैठा हुआ बताते हैं करीब ३ दिन हो गया यह स्थिति बनी हुई है। एक तो पहले धान में बीमारी लगी थी मौसम खराब था उससे परेशान थे आप इस पंजीयन से परेशान है। १० अक्टूबर अंतिम है यदि यह चूक गई तो हम शासन को उपज देने में छूट जाएंगे इसलिए हमें अभी रोज अपने रोजगार को छोडक़र पूरा दिन पंजीयन करने में व्यतीत कर रहे हैं। परंतु पंजीयन हो नहीं रहा है किसी किसान का हो भी रहा है तो बड़ी मशक्कत के बाद पंजीयन होता है।
बाइट कीर्ति रहाँगडाले किसान





































