BJ Watling To Become Batting Coach Of NZ: न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दिसंबर की शुरुआत में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र के बाद टीम के पूर्व खिलाड़ी बीजे वॉटलिंग बने बल्लेबाजी कोच।आईसीसी की वेबसाइट के अनुसार, न्यूज़ीलैंड के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज बीजे वॉटलिंग, दिसंबर की शुरुआत में भारत के खिलाफ ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 सीरीज के बाद ल्यूक रोंची की जगह न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के नए बैटिंग कोच बनेंगे।
वॉटलिंग 16 नवंबर को सपोर्ट स्टाफ़ में शामिल होंगे और ऑस्ट्रेलिया में चार मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए न्यूज़ीलैंड के दौरे से पहले, रोंची के साथ मिलकर काम करेंगे। वॉटलिंग के पास इस भूमिका के लिए काफी अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। उन्होंने 75 टेस्ट मैचों में 3,790 रन बनाए, जिसमें आठ शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं।
वॉटलिंग ने विकेटकीपर के तौर पर अपने टेस्ट करियर में लगभग 3,400 रन बनाए, जो इस भूमिका में किसी भी न्यूज़ीलैंड खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सबसे ज़्यादा रन हैं। विकेट के पीछे उनके 265 डिसमिसल (कैच और स्टंपिंग) का रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है, जो एडम पारोर के 201 डिसमिसल से कहीं ज़्यादा है।उन्होंने 2021 में भारत के खिलाफ पहला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप खिताब जीतने में कीवी टीम की मदद करने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। वॉटलिंग ने कहा कि वह न्यूज़ीलैंड टीम में वापसी करने और मौजूदा ग्रुप के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने हाल के वर्षों में टीम और सपोर्ट स्टाफ़ की उपलब्धियों की तारीफ़ की और कहा कि वह टीम में योगदान देने के लिए उत्सुक हैं।
आईसीसी वेबसाइट के अनुसार उन्होंने कहा, “मैं बहुत उत्साहित हूं। टीम में वापसी करना और इस मौजूदा ग्रुप के साथ काम करना एक खास मौका है और मैं इसे हल्के में नहीं ले रहा हूं। हाल के वर्षों में इस टीम और सपोर्ट स्टाफ ने मिलकर जो हासिल किया है, वह शानदार रहा है, इसलिए मैं एक वर्ल्ड-क्लास टीम में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।”
न्यूज़ीलैंड के टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने वॉटलिंग की मेहनत और दृढ़ संकल्प की तारीफ़ की और कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर उनका रवैया उनके कोचिंग स्टाइल में भी दिखेगा।
उन्होंने कहा, “बीजे एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने ‘ब्लैक कैप’ होने का सही मतलब दिखाया है, इसलिए उनके जैसे व्यक्ति का ग्रुप में वापस आना हमारे माहौल के लिए बहुत अच्छा होगा। जब भी वह मैदान पर उतरते थे, तो उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प पर कभी कोई शक नहीं होता था, और मुझे यकीन है कि वही रवैया उनके कोचिंग स्टाइल में भी दिखेगा।”







































