यूक्रेन से बच्चों ने दमोह में स्‍वजन को भेजा वीडियो

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दमोह शहर के सिविल वार्ड निवासी जहीर खान के बेटे जमाल खान भी पिछले 2 वर्षों से यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त कर रहे हैं और वह भी वहां फंसे हुए हैं। आज जहीर खान के बेटे जमाल खान से नईदुनिया को बताया कि वह रोमानिया तक आ चुके हैं अब यहां से उन्हें भारत आने के लिए गुरुवार या शुक्रवार को फ्लाइट मिलने की उम्मीद है। क्योंकि जिन छात्रों का पहले नंबर लगा है उन छात्रों को पहले भारत भेजा जाएगा उसके बाद हमारा नंबर आएगा। उन्होंने बताया कि अब हम यहां पर पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उल्लेखनीय है कि सिविल वार्ड निवासी जहीर खान के बेटे जमाल खान यूक्रेन के पुलवामा शहर में एमबीबीएस की डिग्री कर रहे थे और वह वहां पर दो बरसों से थे उन्हें 23 फरवरी को भारत आना भी था लेकिन अचानक जंग छिड़ गई तो वह निकल नहीं सका।

वहीं दूसरी ओर दमोह जिले के ही दूसरे छात्र हटा तहसील के ग्राम हरदुआ उमराव निवासी आशीष पटेल भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उनसे भी नईदुनिया ने बात की तो उनका भी कहना था कि 2 या 3 दिन में उन्हें भी फ्लाइट मिल जाएगी और वह भी भारत आ जाएंगे। दोनों छात्र यूक्रेन में एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के लिए गए हुए थे। आशीष पटेल हटा तहसील निवासी हरदुआ उमराव निवासी कमलेश पटेल के पुत्र हैं और वह विगत तीन वर्षों से यूक्रेन की ख़ार्क मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इन दोनों के ही परिवार के स्‍वजन लगातार इस मामले में चिंतित हो रहे हैं और अपने बेटों के इंतजार में पल पल का समय काट रहे हैं।

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