GDP की रेस में भारत सबसे आगे! घरेलू मांग से मिल रही है इकोनॉमी को सुपर-रफ्तार: वित्त मंत्री सीतारमण

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को कहा कि घरेलू खपत देश की आर्थिक वृद्धि को गति दे रही है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के विस्तार की रफ्तार बनाए रखने के लिए स्थिर और पूर्वानुमानित नीतिगत समर्थन आवश्यक है। पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री सीतारमण ने एसबीआई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि बैंकरों की एक समिति इस मुद्दे पर विचार कर रही है कि क्या बैंकों द्वारा तीसरे पक्ष के उत्पादों को बेचने के लिए विशेष वितरण गठजोड़ की अनुमति दी जाए या ’खुली संरचना’ का दृष्टिकोण अपनाया जाए।

बैंक ग्राहकों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क पर दें ध्यान

उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि जैसे-जैसे वे वैश्विक और डिजिटल हो रहे हैं, वे ग्राहकों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक की विनिवेश प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

वित्त मंत्री ने कहा, “घरेलू बाजार से आने वाली खपत ही हमारी वृद्धि को बनाए रखने में सक्षम है, जो अभी भी दुनिया में सबसे तेज है।”

उन्होंने कहा कि वृद्धि प्रक्रिया जारी रखने के लिए खपत आवश्यक है, लेकिन इसके लिए पूर्वानुमानित नीतियों का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “अगर हमारे घरेलू विनिर्माण, कृषि विकास, पर्यटन, आईटी और संबंधित सेवा क्षेत्र को निरंतर और पूर्वानुमानित समर्थन नहीं दिया जाता, भारत की वृद्धि गाथा को बनाए रखना मुश्किल होगा।”

निर्यातकों ने मुश्किल समय में नए बाजार खोजे

निर्यात के महत्व पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी शुल्क जैसे झटकों के बावजूद निर्यातकों के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि निर्यातकों ने मुश्किल समय में नए बाजार खोजे हैं।

पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित क्षेत्रों को नीतिगत समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच चीजें बहुत गतिशील हैं।

एनपीए कई दशकों के निचले स्तर पर

बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता पर इस संकट के प्रभाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि एनपीए कई दशकों के निचले स्तर पर है।

तीसरे पक्ष के उत्पादों की बिक्री के लिए ’खुली संरचना’ के सवाल पर उन्होंने बताया कि आईबीए के तहत एक समिति इसकी समीक्षा कर रही है। वित्त मंत्री की इस टिप्पणी के बाद एसबीआई लाइफ के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई, जो प्रीमियम के लिए अपने मूल बैंक पर निर्भर है।

एन्थ्रोपिक के एआई मॉडल ’माइथोस’ द्वारा लाए जा रहे तकनीकी बदलावों के बीच वित्त मंत्री ने कहा कि बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में इस संबंध में बैंकों के साथ बैठक हुई। सभी ऋणदाताओं को एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी के नेतृत्व में इस पर मिलकर काम करने को कहा गया है।

उन्होंने कहा, “आने वाले हफ्तों में बैंक इस बात को समझेंगे कि कहां अधिक निवेश की आवश्यकता है और इस एआई चुनौती का मुकाबला करने के लिए एआई का ही इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।”

बैंकिंग में मानवीय तत्व ही समावेशन की भावना

वित्त मंत्री सीतारमण ने इस बात पर भी जोर दिया कि डिजिटल प्रगति के बीच बैंकों को ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग में मानवीय तत्व ही समावेशन की भावना है। उन्होंने बैंकों से आत्ममंथन करने को कहा कि कहीं डिजिटलीकरण की दौड़ में वे ग्राहकों से दूर तो नहीं हो रहे हैं।

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