West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। 92 फीसदी से अधिक रिकॉर्ड मतदान ने सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज कर दी हैं। ममता बनर्जी इसे अपने पक्ष में जनसमर्थन की लहर बता रही हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी इसे बदलाव का संकेत मान रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस भारी मतदान ने टीएमसी खेमे की चिंता बढ़ा दी है।
दावों की जंग: ‘विदाई’ बनाम ‘सुनामी’
पहले चरण के बाद बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। अमित शाह ने दावा किया है कि “दीदी की विदाई” तय हो चुकी है, वहीं ममता बनर्जी इसे अपने समर्थन की सुनामी बता रही हैं। नतीजे भले अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक दावों की जंग अपने चरम पर पहुंच गई है।
दूसरे चरण पर टिकी सबकी नजर
अब सबकी निगाहें दूसरे चरण पर टिकी हैं, जहां 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होना है। बीजेपी ने इसके लिए पूरी ताकत झोंक दी है। अमित शाह 21 अप्रैल से कोलकाता में डेरा डाले हुए हैं और लगातार मैराथन बैठकों के जरिए बूथ स्तर तक तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। पार्टी का फोकस साफ है—हर बूथ को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखना और एक भी वोट छूटने न देना।
कोलकाता और प्रेसिडेंसी क्षेत्र में कड़ी टक्कर
दूसरा चरण बीजेपी के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि इसमें ग्रेटर कोलकाता और प्रेसिडेंसी क्षेत्र की 100 से ज्यादा सीटें शामिल हैं। 2021 में इन इलाकों में टीएमसी का दबदबा रहा था। ऐसे में इस बार बीजेपी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
रणनीति में बदलाव: ‘बाहरी’ से ‘बंगाली’ तक
रणनीतिक तौर पर बीजेपी सिर्फ सीटें जीतने पर नहीं, बल्कि बंगाल में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है। “बाहरी बनाम बंगाली” के नैरेटिव के बीच पार्टी अब खुद को राज्य की भाषा, संस्कृति और जीवनशैली से जोड़ने की कोशिश कर रही है। इस रणनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियां और संदेश भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
दूसरा चरण बनेगा असली परीक्षा
पहले चरण की बंपर वोटिंग ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है, लेकिन असली परीक्षा अब दूसरे चरण में है। यहीं तय होगा कि पश्चिम बंगाल बदलाव चाहता है या मौजूदा नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखेगा। यही कारण है कि अमित शाह खुद मोर्चा संभाले हुए हैं—क्योंकि यह सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि 2026 की बड़ी सियासी दिशा तय करने वाली लड़ाई भी मानी जा रही है।










































