चक्का जाम की कोशिश-विवाद में बदली, पथराव और हुआ तोड़फोड़ !

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पूर्व जिला पंचायत सदस्य डाली दमाहे के निधन के बाद उनका शव गुरुवार की रात करीब 9 बजे जिला मुख्यालय से लगे हुए गोगलाई में लाया गया। इसके बाद रात करीब 10 बजे डाली दमाहे का शव कोसमी ले जाने के दौरान उनके समर्थक द्वारा कोसमी पीपल चौक पर टायर जलाकर चक्का जाम करने की कोशिश की गई। जिससे बाद पुलिस और डाली दमाहे के समर्थकों के बीच झड़प हो गई और समर्थकों ने जमकर पथराव कर दिया।

देखते ही देखते स्थिति कब उग्र हो गई पता ही नहीं चला पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते ग्रामीण बहुत अधिक आक्रोशित हो गए। आक्रोशित भीड़ ने अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। बीच बचाओ के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक अपूर्व भलावी सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई। लेकिन इस दौरान ग्रामीणों का विरोध यहां भी शांत नहीं हुआ। गोंदिया रोड स्थित डाली दमाहे प्राणघातक हमले के मुख्य आरोपी विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष संजीव उर्फ भाऊ अग्रवाल की हार्डवेयर और मार्बल की दुकान पर ग्रामीणों ने जमकर पथराव किया इस दौरान फिर पुलिस से एक बार फिर ग्रामीणों की झड़प हो गई।

जानकारी यही मिल रही है कि पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा वही आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।

स्थिति को देखते हुए शहर के अंबेडकर चौक से लेकर हनुमान चौक तक किलेबंदी कर दी गई। किसी को भी बेवजह सड़क पर नहीं चलने की हिदायत दी गई। दूसरी ओर गोगलाई में स्थिति नियंत्रण में रहे इसके लिए पुलिस द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल गोगलाई गांव भेजा गया।

घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ स्वयं कोसमी के लिए रवाना हो गए।

रात करीब 10:30 से 11 के बीच कोसमी में स्थिति नियंत्रण में हुई। जिसके बाद धीरे-धीरे गोंदिया रोड पर यातायात व्यवस्था पहले की तरह बहाल कर दी गई।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान गोंदिया रोड पर नवेगांव के आगे लंबा जाम देखने मिला लोग डरे हुए थे कि कैसे बालाघाट पहुंचेगे क्योंकि दूसरी और गोगलाई में भी तनावपूर्ण में भी स्थिति तनावपूर्ण बताई जा रही थी।

लेकिन समय रहते पुलिस द्वारा स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया जिसके बाद स्थिति सामान्य लेकिन तनावपूर्ण बताई जा रही है। जिसे देखते हुए पुलिस द्वारा और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाने की जानकारी मिल रही है।

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