पुणे का जर्जर चांदनी चौक पुल 600 किलो विस्‍फोटक लगा किया धराशायी

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पुणे के मुंबई-पुणे मार्ग पर स्थित जर्जर चांदनी चौक पुल को ध्वस्त कर दिया गया है। यह पुल ट्रैफिक जाम की वजह बन गया था। अब इसकी जग नया ब्रिज बनाया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू तरीके से हो सके। बताया जाता है कि इस पुल को ध्‍वस्‍त करने में 600 किलो विस्‍फोटक का इस्‍तेमाल किया गया था। इन विस्‍फोटकों को पुल पर 1300 जगहों पर फिट किया गया था। पुल को उड़ाने से पहले वहां धारा 144 लागू कर दिया गया था, ताकि किसी भी तरह से आवागमन न हो सके। शनिवार आधी रात के बाद इस पुल को ध्‍वस्‍त किया गया। संकेत मिलते ही कुछ ही सेकेंड में दशकों पुराना चांदनी चौक ब्रिज जमींदोज हो गया। जिस तकनीक के जरिये नोएडा स्थित ट्विन टावर को ध्‍वस्‍त किया गया, उसी के आधार पर पुणे के चांदनी चौक ब्रिज को भी विस्‍फोट कर जमींदोज किया गया।
पुणे के कलेक्‍टर राजेश देशमुख के अनुसार, एडिफ‍िस इंजीनियरिंग ने पुल को ब्‍लास्‍ट से ध्‍वस्‍त करने की प्रक्रिया को सफल बताया है। बता दें कि चांदनी चौक पुल को ध्‍वस्‍त करने की जिम्‍मेदारी एडिफिस इंजीनियरिंग को सौंपी गई थी। ब्रिज को कंट्रोल एक्‍सप्‍लोजन तकनीक के जरिये ध्‍वस्‍त किया गया। चांदनी चौक के जमींदोज होते ही मौके पर धूल का गुबार उठ गया। हर तरफ धूल ही धूल दिखाई देने लगा। किसी तरह के नुकसान की आशंका को देखते हुए मौके पर पहले ही किसी के भी आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी। इस रूट से यातायात को भी रोक दिया गया था।
पुणे स्थित चांदनी चौक ब्रिज दशकों पुराना था। यह पुल मुंबई-पुणे मार्ग पर स्थित था। समय के साथ वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण यह पुल ट्रैफिक जाम की वजह बन चुका था। आए दिन यहां लंबा जाम लगने लगा था। पुल के संकड़ा होने की स्थिति से हालात बिगड़ते ही जा रहे थे। वाहनों की लगातार बढ़ती संख्‍या ने प्रशासन को इसकी जगह पर नया ब्रिज बनाने के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया गया। सोच-विचार के बाद चांदनी चौक ब्रिज को ध्‍वस्‍त कर इसकी जगह पर नया और इससे ज्‍यादा चौड़ा पुल बनाने के प्रस्‍ताव को हरी झंडी दी गई थी। इसके बाद से ही पुल को ध्‍वस्‍त करने की योजना पर काम चल रहा था।
पुणे के कोथरुड डिपो के पास मौजूद चांदनी चौक पुल मुंबई-बेंगलुरु नेशनल हाइवे पर तैयार किया गया था। यह पुल मुंबई से पुणे आते वक्त ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह बन रहा था। पुल को ठीक उसी तरह से 600 किलो नाइट्रेट विस्फोटक को 1300 ठिकानों में फिट कर ध्वस्त किया गया, जिस तकनीक के आधार पर नोएडा के ट्विन टावर को गिराया गया था।

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