एमपीआरडीसी के तहत बनी गर्रा से नवेगॉव सड़क ४ वर्ष में उधडग़ई। इस रोड़ का निर्माण काफी मशक्कत के बाद हुआ था। मगर संबंधित ठेकेदार ने रोड़ पर बिछाई गई सामग्री से समझौता न करते हुये अपना हित देखा और जो सड़क निर्माण में निर्माण सामग्री का उपयोग किया वो दोयम दर्जे का रहा। जिसकी वजह से सड़क जगह जगह गड्डों में तब्दील हो गई है। जिसकी वजह से आवागमन करने में लोगों को काफी तकलीफ हो रही है। इससे यह प्रमाण मिलता है की मार्ग का निर्माण गुणवत्ता विहिन हुआ है।
मार्ग निर्माण के दौरान विभाग ने नही ली सुध
गौरतलब है की यह मार्ग गर्रा से होते हुये सीधे महाराष्ट्र को जोड़ता है। मार्ग में जगह जगह जहां गड्डे हो गये है वही दरार भी आ गई है। मार्ग अंर्तगत वारासिवनी, रामपायली, खैरलांजी सहित कम से कम १ दर्जन ग्राम जो रोड़ किनारे बसे है वे आते है। ऐसे में मार्ग की हालत देखकर ऐसा लगता है की मार्ग निर्माण के दौरान विभाग ने इसकी सुध नही ली।
मार्ग निर्माण के दौरान नही बढ़ाई गई पुल पुलिया की ऊंचाई
यहां यह बताना लाजमी है की मार्ग का निर्माण तो हुआ मगर मार्ग के दौरान पडऩे वाले पुल पुलिया की हाईट नही बढ़ाई गई। जिसकी वजह से इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले लोगों को बरसात के मौसम में बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई बार इस बात की सूचना विभाग को दी मगर विभाग ने इस बारे में कोई सुध नही ली।
गाडिय़ो पर पड़ रहा बुरा प्रभाव
टे्रव्हल्स से जुड़े नानो पंचेश्वर ने दूरभाष में पद्मेश को बताया की हम लोग प्रतिदिन नागपुर आते जाते रहते है। इस दौरान हमारे चौपहिया वाहन के शॉकब सिस्टम, कमानी खराब हो रहे है। हम लोगों ने अपने चौपहिया वाहन लोन लेकर उठाये है। जिनका मेंटेनेंस करने में ही हमे काफी पैसा देना पड़ रहा है। ऐसे में हमें लगता है की कुछ वर्ष पूर्व बनी यह सड़क किसी काम की नही है क्योंकि न तो रोड़ निर्माण के दौरान ठेकेदार ने गुणवत्ता पर ध्यान दिया और ना ही विभाग ने। ऐसे में हम जिन्हे नागपुर या नागपुर से वारासिवनी बालाघाट लाते है उनका सफर काफी दुखदायी साबित हो रहा है।
सोनझरा और खरखड़ी के बीच हो रहे हादसे
गौर करने वाली बात है की वैसे तो गर्रा नवेगॉव मार्ग कई जगह जगह से गड्डों में तब्दील हो गया है मगर सबसे ज्यादा परेशानी सोनझरा और खरखड़ी के बीच मार्ग की बखिया उदड़ गई है। इन स्थानों पर प्रतिदिन हादसे हो रहे है। हॉल ही में एक हादसा हुआ जिसमें एक ट्रक पलट गया ऐसे में विभाग को मार्ग की सुध लेना चाहिये।
इनका कहना है –
वही इस मामलें में एमपीआरडीसी के प्रबंधक दीपक आड़े ने दूरभाष पर बताया की मेरे संज्ञान में भी सड़क में हो रहे गड्डों को लेकर शिकायत आयी है। मैं शीघ्र ही एक पत्र अपने भोपाल हेड कार्यालय को भेज रहा हूॅ। जिसमें सड़क की मरम्मत और अन्य कार्य शामिल रहेंगे।
दीपक आड़े
एमपीआरडीसी प्रबंधक बालाघाट










































