प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को चुनावी राज्य नगालैंड के दीमापुर पहुंचे। उन्होंने यहां अपने संबोधन में नॉर्थ-ईस्ट को लेकर पहले की कांग्रेस सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला। PM ने कहा- कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को ATM माना हुआ था। सरकार का पैसा जनता तक नहीं, बल्कि करप्ट पार्टियों की तिजोरी में पहुंचता था।
कांग्रेस ने नागालैंड की सरकार को रिमोट कंट्रोल से चलाया। दिल्ली से लेकर दिमापुर तक इन्होंने परिवारवाद को ही प्राथमिकता दे रखी थी, लेकिन हमारी सरकार ने पूरे नॉर्थ-ईस्ट के लिए दिल्ली की सरकार की सोच को ही बदल दिया है। नागालैंड को पहली महिला राज्यसभा सांसद देने का अवसर भी NDA को मिला है।
नॉर्थ-ईस्ट के 8 राज्यों को हम कांग्रेस की तरह ATM नहीं बल्कि ‘अष्ट लक्ष्मी’ मानते हैं। हमारा यह प्रयास है कि दिल कि दूरियां भी मिटें और दिल्ली से भी दूरी कम हो। बीते 9 वर्षों में मैं खुद दर्जनों बार यहां आया हूं।
अपने लोगों पर अविश्वास करके देश नहीं चलता। देश चलता है अपने लोगों का सम्मान करके, उनकी समस्याओं का समाधान करके। पहले जहां नॉर्थ-ईस्ट में डिवाइड की पॉलिटिक्स चलती थी उसको हमने डिवाइन में बदला है। नगालैंड के लिए हमारा मंत्र है- पीस, प्रोग्रेस और प्रॉसपैरिटी।
थोड़ी देर में शिलांग पहुंचेंगे PM, रोड शो करेंगे
नगालैंड के दीमापुर में चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री कुछ ही देर बाद मेघालय पहुंचेगे। वे शिलांग में रोड शो करेंगे, साथ ही तुरा में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। बता दें कि मेघालय और नागालैंड में 60 विधानसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को चुनाव होना है। मेघालय में चुनाव से पहले शुक्रवार का प्रचार मोदी की यह पहली और आखिरी रैली होगी।
त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर के तीनों राज्यों में नतीजे दो मार्च को आएंगे। दो दिन पहले मेघालय सरकार ने तुरा में सुरक्षा का हवाला देते हुए PM मोदी की चुनावी रैली को परमिशन देने से इनकार कर दिया था। यह रैली पीए संगमा स्पोर्ट्स कॉम्प्लैक्स में होने वाली थी। वेस्ट गारो हिल्स जिले में होने वाली रैली को परमिशन न मिलने पर भाजपा ने मेघालय सरकार पर निशाना साधा था।
मेघालय: सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है भाजपा
मेघालय में भाजपा ने सभी 60 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 2018 में पार्टी ने 60 सीटों में से 48 पर उम्मीदवार उतारे, इनमें 2 जीते भी। NPP के साथ भाजपा सरकार में शामिल रही। इस बार भाजपा सभी सीटों पर लड़ रही है। उसकी रणनीति प्रत्येक वोटर के साथ जुड़ने की है, क्योंकि वोटर उम्मीदवार के साथ संपर्क चाहता है।
इससे पहले भाजपा ने 17 फरवरी को त्रिपुरा में 55 सीटों पर चुनाव लड़ा था, और अपने सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) को पांच सीटें दी थीं।










































