Gold Price Target : गोल्ड में अब क्या गड़बड़ी, क्यों फिर से शुरू हुआ लुढ़कने वाला दौर?

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गोल्ड और सिल्वर के निवेशकों को फिर झटका लगा है। क्योंकि, फिर से दोनों कीमती धातुओं में गिरावट देखने को मिली है। गोल्ड में अगस्त के आखिर में नया मोमेंटम बनता दिखा, था लेकिन अब फिर से लुढ़क रहा है।Gold Price Vs Dollar and Bond Yield : सोने की कीमत में एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिल रही है। 25 अगस्त को $4,696 प्रति औंस का स्तर छूने के बाद Gold करीब $4,283 तक फिसल गया है। यानी हाल के ऊपरी स्तर से करीब 8.8% की गिरावट आ चुकी है। अब सवाल है कि आखिर सोने में फिर इतनी बिकवाली क्यों शुरू हो गई और क्या निवेशकों को इससे घबराने की जरूरत है? दरअसल, इस बार Gold पर एक साथ कई दबाव बन रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा दबाव US Treasury bond yields का है। इसके बाद मजबूत US Dollar और Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर बदलती बाजार उम्मीदें हैं।

सबसे बड़ा विलेन Bond Yield

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक Gold ऐसी संपत्ति है, जिससे नियमित ब्याज नहीं मिलता। इसलिए जब US Treasury जैसे सुरक्षित एसेट की यील्ड बढ़ती है, तो निवेशकों के लिए गोल्ड रखने की लागत cost बढ़ जाती है। अभी US 10-year Treasury Yield करीब 4.8% के आसपास पहुंच गई है, जबकि 30-Year Yield भी 5.28% के आसपास बनी हुई है। ऐसे में बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के सामने सवाल होता है कि बिना यील्ड वाले Gold में पैसा रखा जाए या सुरक्ष सरकारी बॉन्ड में पैसा लगाया जाए, जहां ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। यही वजह है कि ट्रेजरी यील्ड में उछाल आते ही गोल्ड पर दबाव बढ़ जाता है।

मजबूत Dollar ने भी बढ़ाई मुश्किल

Gold की कीमत पर दूसरा बड़ा असर US Dollar का है। Dollar Index हाल के निचले स्तर करीब 98.56 से बढ़कर लगभग 99.80 तक पहुंच गया है। Gold की इंटरनेशनल प्राइसिंग डॉलर में होती है। इसलिए जब डॉलर मजबूत होता है, तो बाकी मुद्राओं में गोल्ड अपेक्षाकृत महंगा हो जाता है। इससे डिमांड पर दबाव पड़ सकता है। यानी इस समय Gold को एक तरफ बढ़ती ट्रेजरी यील्ड परेशान कर रही हैं और दूसरी तरफ मजबूत Dollar की मजबूती भी है।क्या Crude Oil की तेजी भी जिम्मेदार है?

Crude Oil का असर जरूर है, लेकिन यह Gold की गिरावट की सबसे सीधी वजह नहीं है। Brent crude $96 प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई में बाधा की चिंता से तेल में तेज उछाल आया है। महंगा तेल असल में महंगाई (Inflation) की चिंता बढ़ाता है। जब बाजार को लगता है कि महंगाई ज्यादा समय तक ऊंची रह सकती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो जाता है।

Fed का Rate Hike डर क्यों बढ़ा?

Gold के लिए सबसे बड़ा सेंटिमेंटल शॉक यही है। कुछ समय पहले बाजार US Fed की तरफ से रेट कट की उम्मीद कर रहा था। अब ट्रेडर्स की नजर इस बात पर है कि महंगाई को काबू करने के लिए कहीं फेड का रुख सख्त नहीं हो जाए। क्योंकि, फेड चेयर केविन वार्स ने इस बात के साफ संकेत दिए हैं। US Fed Rate hike का मतलब सिर्फ अमेरिका में ब्याज दरों के महंगे होने तक सीमित नही, बल्कि इससे Dollar और Bond Yields को सपोर्ट मिलेगा, जिससे इक्विटी मार्केट के साथ ही गोल्ड का आकर्षण भी कम होगा।

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