Kuno National Park News: श्योपुर में ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत एक हजार से अधिक महिलाओं और छात्राओं ने ह्यूमन रंगोली के जरिए भारत की पहली स्वदेशी मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाई है। कलेक्टर शीला दाहिमा की पहल पर हुए इस आयोजन में नारी शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।श्योपुर: मध्य प्रदेश के ‘चीता स्टेट’ होने के रसूख को आगे बढ़ाते हुए श्योपुर जिले में एक बेहद अनूठा और भव्य आयोजन देखने को मिला है। ढेंगदा क्रीड़ा परिसर में ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत एक हजार से अधिक महिलाओं और छात्राओं ने मिलकर एक विशाल ह्यूमन रंगोली तैयार की है। इस रंगोली के जरिए भारत की पहली स्वदेशी मादा चीता ‘मुखी’ की आकर्षक प्रतिकृति जमीन पर उकेरी गई। इस आयोजन ने एक साथ वन्यजीव संरक्षण और नारी शक्ति के अनूठे संगम का मजबूत संदेश दिया है।
कलेक्टर की पहल पर जुटी महिलाओं की फौज
श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा की विशेष पहल पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें महिला और बाल विकास विभाग के साथ-साथ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हजारों महिलाओं, स्व-सहायता समूहों की सदस्यों और छात्राओं ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर हुए इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें शामिल प्रतिभागियों ने चीते के मुख और शरीर के रंगों से मिलते-जुलते वस्त्र पहने थे। ठीक उसी रंग-ढंग में जमीन पर यह विशाल आकृति उकेरी गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।कौन है देश की पहली स्वदेशी चीता ‘मुखी’?
मादा चीता ‘मुखी’ का भारतीय वन्यजीव इतिहास में एक बहुत खास और ऐतिहासिक स्थान है। मुखी का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से भारत लाई गई प्रसिद्ध मादा चीता ‘ज्वाला’ की ही संतान है। लगभग 70 साल पहले भारत की धरती से चीते पूरी तरह विलुप्त हो गए थे। इसके बाद देश की जमीन पर जन्म लेने वाली मुखी पहली भारतीय चीताबनी। नवंबर 2025 में मुखी ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया था, जिसे भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में गिना जाता है। वर्तमान में मुखी ने अपनी तीन वर्ष की आयु पूरी कर ली है।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की जमकर तारीफ
इस शानदार और अनोखे आयोजन की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि चीता स्टेट मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूरे होने पर श्योपुर में महिलाओं और छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के जरिए भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाना बेहद अद्भुत और प्रेरणादायी है







































