मध्य प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी जल्द भंग होगी। इसके स्थान पर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की जो नई टीम बनेगी, उसमें नए चेहरे नजर आएंगे। यही कार्यकारिणी वर्ष 2028 का विधानसभा और वर्ष 2029 का लोकसभा चुनाव कराएगी।दो-तीन माह में इसके गठन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। वर्तमान कार्यकारिणी में 253 पदाधिकारी हैं। इनकी संख्या घटाकर 125 तक लाई जाएगी।
वरिष्ठ नेताओं की होगी छुट्टी
ऐसे विधायक, जो जिला अध्यक्ष भी हैं और प्रदेश पदाधिकारी भी, उन्हें प्रदेश संगठन के दायित्व से मुक्त किया जा सकता है। क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के साथ उन नेताओं को प्राथमिकता के आधार पर अवसर देने का विचार है जो चुनाव लड़ने के स्थान पर लड़ाने का काम करना पसंद करेंगे।इस फार्मूले के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के वे समर्थक संगठन के दायित्व से मुक्त कर दिए जाएंगे, जो चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव-2023 में करारी हार मिलने के बाद पार्टी नेता राहुल गांधी की पसंद के आधार पर जीतू पटवारी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था। जब उन्होंने अपनी टीम बनाई तो कमल नाथ, दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के समर्थकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
यह भी पढ़ें- MP कांग्रेस पीएसी की 5 घंटे चली मैराथन बैठक में ‘Gen-Z’ पर ढाई घंटे मंथन, इसी सप्ताह भंग होगी पीसीसी कार्यकारिणी
नई चेहरों को मिलेगा मौका
टीम में संतुलन न होने की बात उठी तो जो कार्यकारिणी 150 सदस्यों के आसपास की थी वह 253 तक पहुंच गई। सचिव और सह सचिव बनाकर नेताओं के समर्थकों को समायोजित किया गया मगर संगठन को इसका कोई लाभ नहीं हुआ।
इसे देखते हुए पिछले दिनों जब राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संगठन सृजन की समीक्षा की और यह निर्णय लिया गया कि विभाग और प्रकोष्ठों को भंग करने के साथ प्रदेश कार्यकारिणी भी नए सिरे से बनाई जाए।
राहुल गांधी का संदेश साफ है कि कितना ही बड़ा नेता क्यों न हो, यदि वह निष्क्रिय है तो उसे बड़ी भूमिका देने की आवश्यकता नहीं है। इसके स्थान पर उन नेताओं को आगे बढ़ाया जाए जो चुनावी राजनीति से इतर संगठन में काम करना चाहते हैं।
यही अब प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का आधार बनेगा। एक-एक के पास दो-तीन दायित्व- प्रदेश कार्यकारिणी के कई पदाधिकारी ऐसे हैं, जिनके पास कई दायित्व हैं।
विधायक जयवर्धन सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ गुना जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। पूर्व विधायक प्रियव्रत सिंह उपाध्यक्ष के साथ राजगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल रहे हैं। ऐसे कई और नेता हैं।
नई टीम जल्द ही गठित की जाएगी। इसमें युवा जोश के साथ अनुभव का मिश्रण नजर आएगा। अब सबको टीम कांग्रेस बनकर मिशन 2028 की तैयारी में जुटना है। टीम सबके साथ विचार-विमर्श कर बनाई जाएगी। – जीतू पटवारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष










































