PM-WANI वाई-फाई का इस्तेमाल हुआ आसान, सरकार ने लॉगिन प्रोसेस में किया बड़ा बदलाव

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PM-WANI वाई-फाई का नाम तो आपने सुना ही होगी। यदि नहीं जानते हैं तो भी कोई बात नहीं, हम आपको बता देते हैं। PM-WANI एक पब्लिक वाई-फाई प्रोजेक्ट है जो कि दूरसंचार विभाग की ओर से चलाया जा रहा है। अब भारत सरकार ने लोगों के लिए पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल आसान बनाने के लिए PM-WANI सिस्टम में कई बड़े बदलाव किए हैं। इन नए बदलावों का मकसद देशभर में सस्ता और आसान इंटरनेट उपलब्ध कराना है।

अब QR कोड स्कैन कर लैपटॉप होगा कनेक्ट

सरकार ने अब लैपटॉप और दूसरे डिवाइस को Wi-Fi से जोड़ने के लिए QR-based लॉगिन की सुविधा शुरू की है। अब यूजर अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन करके आसानी से लैपटॉप को इंटरनेट से कनेक्ट कर सकेंगे। इससे बार-बार पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इंटरनेट जल्दी कनेक्ट होगा।

15, 30 और 60 मिनट वाले छोटे प्लान

PM-WANI के तहत अब छोटे समय वाले Wi-Fi प्लान भी शुरू किए जाएंगे। यूजर्स 15 मिनट, 30 मिनट और 60 मिनट के प्लान खरीद सकेंगे। यह सुविधा खासकर छात्रों, यात्रियों और कम समय के लिए इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए फायदेमंद होगी।असली Wi-Fi नेटवर्क पहचानना होगा आसान

सरकार ने PM-WANI हॉटस्पॉट के नाम (SSID) को भी एक जैसा करने का फैसला लिया है। इससे लोग आसानी से असली PM-WANI नेटवर्क पहचान सकेंगे और फर्जी नेटवर्क से बच पाएंगे। दूरसंचार विभाग ने सभी कंपनियों और ऑपरेटरों को अगले 8 हफ्तों के अंदर नए नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं।

जुलाई 2026 तक देशभर में ये नई सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। सरकार का कहना है कि PM-WANI योजना का उद्देश्य हर नागरिक तक सस्ता इंटरनेट पहुंचाना है। यह सुविधा छात्रों, छोटे व्यापारियों, यात्रियों और कामकाजी लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है।

PM-WANI क्या है?

PM-WANI (प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पब्लिक वाई-फाई योजना है, जिसका उद्देश्य देश भर में इंटरनेट की पहुंच को सुलभ और किफायती बनाना है। दिसंबर 2020 में दूरसंचार विभाग द्वारा लॉन्च की गई इस पहल का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन को कम करना है।

PM-WANI के माध्यम से कोई भी छोटा दुकानदार, चाय विक्रेता या उद्यमी ‘पब्लिक डेटा ऑफिस’ (PDO) बनकर अपने क्षेत्र में वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित कर सकता है। इसके लिए किसी भारी निवेश या लाइसेंस फीस की आवश्यकता नहीं होती, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलता है।

PM-WANI की खासियतें

डिजिटल सशक्तिकरण: यह ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाकर डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देता है।

किफायती इंटरनेट: आम जनता को बेहद कम खर्च में हाई-स्पीड वाई-फाई की सुविधा मिलती है।

स्वरोजगार के अवसर: छोटे दुकानदार PDO बनकर अपनी अतिरिक्त आय का जरिया बना सकते हैं।

लाइसेंस मुक्त: इसे शुरू करने के लिए किसी भी प्रकार के पंजीकरण शुल्क या सरकारी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है।

आसान कनेक्टिविटी: एक ही ऐप के जरिए यूजर्स पूरे देश में मौजूद PM-WANI हॉटस्पॉट से कनेक्ट हो सकते हैं।

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