इस्लामाबाद: यासीन मलिक की पत्नी मुशाल मलिक ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में शांति स्थापित करने पर जोर दिया है। पीओके में बढ़ते संकट के बीच मुशाल ने पाकिस्तानी सरकार और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। कमेटी के नेतृत्व में बीते करीब दो महीने से पीओके में प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे पूरे इलाका आशंति और हिंसा की चपेट में हैं। पाकिस्तान की ओर से इन प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने की कोशिशों ने आम लोगों के गुस्से को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक की पत्नी मुशाल ने गतिरोध खत्म करने के लिए बातचीत का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि चीजों को शांति की तरफ ले जाने का बातचीत के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से पीओके में दखल देने और शांति बहाली में मदद करने की अपील की है।
‘लोगों की मांग गलत नहीं’
मुशाल ने अपने बयान में कहा है कि पीओके लोग जायज मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। वे पीने का पानी, सड़कें और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सार्वजनिक सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ नहीं हैं, जैसा कि कुछ लोग बताने की कोशिश कर रहे हैं।
मुशाल ने पीओके के लोगों की बात ना सुनने के लिए राजनीतिक नेतृत्व की आलोचना की और राजनेताओं पर लोगों की तकलीफों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। उन्होंने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि पीओके में इंसानी जिंदगी की अहमियत को समझा जाए क्योंकि हिंसा जारी रही तो बहुत परेशानी होने वाली है।










































