मैड्रिड: खगोल विज्ञानियों और अंतरिक्ष में दिलचस्पी रखने वाले शौकीनों के लिए बुधवार 12 अगस्त का दिन बेहद खाने होने वाला है। इस दिन एक दुर्लभ सूर्य ग्रहण होने जा रहा है, जब सूरज कुछ समय के लिए छिप जाएगा और दिन में शाम जैसा अंधेरा हो जाएगा। यह साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण भी होगा, जो यूरोप से अमेरिका तक दुनिया के बड़े हिस्से में देखा जाएगा।
पूर्ण सूर्य ग्रहण कहां दिखाई देगा?
बुधवार को होने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण की छाया पूर्वी ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड और उत्तरी स्पेन के एक संकरे रास्ते से होकर गुजरेगी। यह ग्रहण अपनी पूर्णता पर 2 मिनट 18 सेकंड लंबा होगा, जो आइसलैंड के पास समुद्र में दिखाई देगा। यह 2015 के बाद यूरोप और 1999 के बाद मुख्य भूमि यूरोप से दिखाई देने वाला पहला सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि, स्पेन को छोड़कर यूरोप के अधिकांश हिस्से में गहरा आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जाएगा।र्य ग्रहण को पूर्णता में देखने के लिए स्पेन का उत्तरी हिस्सा सबसे खास होगा। स्पेन के स्थानीय समयानुसार शाम को 8:26 बजे से 8:33 बजे के बीच पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई, जब ग्रहण लगा सूरज पश्चिमी क्षितिज के ठीक ऊपर होगा। यह सूर्यास्त से ठीक पहले थोड़ी देर के लिए ही होगा।
यूरोप और अमेरिका में आंशिक ग्रहण
पूर्ण ग्रहण का दायरा करीब 290 किमी चौड़े रास्ते तक सीमित रहेगा। जबकि यूरोप और अमेरिका के एक बड़े हिस्से में लोग आंशिक सूर्य ग्रहण देख सकेंगे। स्पेन के ही मैड्रिड में 99.99% आंशिक ग्रहण दिखाई देगा। अमेरिका में अलास्का लेकर उत्तरी राज्यों और न्यू इंग्लैंड तक आंशिक सूर्य ग्रहण बनेगा। अलास्का में सबसे ज्यादा असर होगा, जहां सूरज का 37% हिस्सा ढक जाएगा।
क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण की छाया वाले रास्ते से बाहर रहने वाले देशों के लिए यह नजारा नहीं होगा। खगोल वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत समेत एशिया के ज्यादातर देशों में इस दुर्लभ खगोलीय घटना को नहीं देखा जा सकेगा। ग्रहण जिस समय हो रहा होगा, उस समय इन इलाकों में रात









































