नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में रहने वाले अमीर-उमरा यानि के एलिट क्लास का क्लब (Elite Club) है दिल्ली जिमखाना क्लब (Delhi Zymkhana Club)। वैसे तो इस क्लब को चलाने वाली कंपनी सेक्शन-8 के तहत रजिस्टर्ड है, लेकिन इसके पास भरपूर संपत्ति है। सिर्फ म्यूचुअल फंड में ही इसका निवेश 200 करोड़ रुपये से ऊपर का है।
नोट फोर प्रोफिट एंटिटी
दिल्ली जिमखाना क्लब सेक्शन-8 की कंपनी है। कंपनी कानून 2013 की धारा 8 के तहत इसका रजिस्ट्रेशन हुआ है। मतलब कानूनी रूप से यह नॉन-प्रोफिट आर्गनाइजेशन (Non-Profit Organisation) है। मतलब कि इसे चलाने में यदि मुनाफा होता है तो उसका बंटवारा शेयरहोल्डर्स में डिविडेंड के रूप में नहीं होगा। उसका उपयोग संस्था के विकास और उद्देश्यों की पूर्ति में ही होगा।इस समय कितने की है प्रॉपर्टी
केंद्र सरकार के कॉर्पोरेट अफयर्स मिनिस्ट्री (Ministry of Corporate Affairs) के समक्ष दाखिल लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार दिल्ली जिमखाना क्लब का इस समय नेटवर्थ करीब 129 करोड़ रुपये का है। मार्च 2024 में इसका म्यूचुअल फंड में निवेश 162 करोड़ रुपये का था। इस निवेश का इस समय मार्केट वैल्यू करीब 217 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है। कंपनी का विभिन्न बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट में भी निवेश है।
जमीन की कीमत कितने की
दिल्ली का जिमखाना क्लब अभी जिस जमीन पर अस्तित्व में है, उसका क्षेत्रफल 27 एकड़ से भी ज्यादा है। वैसे तो यह जमीन दिल्ली के लुटियन्स जोन में है जहां आसानी से जमीन या बंगले नहीं मिलते। लेकिन प्रॉपर्टी के जानकार बताते हैं कि उस इलाके में यदि आपको एक एकड़ क्षेत्र का बंगला चाहिए तो करीब 1,000 करोड़ रुपये तो लग ही जाएंगे। मतलब कि जिमखाना क्लब की सिर्फ जमीन ही 27,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की है।










































