रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ छावनी को ‘आदर्श छावनी’ बनाने के लिए 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज को पूरी दुनिया बेहद गंभीरता से सुनती है।रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी मौजूदगी में लखनऊ छावनी को ‘आदर्श छावनी’ के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 प्रमुख विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख और राज्य में हो रहे विकास कार्यों को लेकर अपने विचार साझा किए।
समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में दुनिया भर में भारत का नजरिया और सम्मान पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि 10-12 साल पहले तक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, जितनी उम्मीद की जाती थी। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल अलग है। जब भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत अपनी बात रखता है, तो पूरी दुनिया उसे कान खोलकर और बेहद ध्यान से सुनती है। यही आज के बदलते और मजबूत भारत का असली कद है।राजनाथ सिंह ने सीएम योगी की खुलकर की तारीफ
अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ के विकास पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि लखनऊ की गति और प्रगति दरअसल पूरे उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़ी हुई है। उन्होंने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया कि शहर के कायाकल्प में सीएम योगी का सहयोग सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहा है।
’12 परियोजनाएं लखनऊ छावनी के एक उज्ज्वल और स्वच्छ भविष्य का संकल्प’
जब केंद्र और राज्य सरकार की सोच एक ही दिशा में चलती है, तो विकास की रफ्तार अपने आप कई गुना बढ़ जाती है। राजनाथ सिंह ने बताया कि ये 12 परियोजनाएं लखनऊ छावनी के एक उज्ज्वल और स्वच्छ भविष्य का संकल्प हैं। इनके माध्यम से इलाके में बेहतर पेयजल आपूर्ति, बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के लिए खेल के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
‘विकसित भारत’ की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि इसका मतलब केवल बड़ी-बड़ी इमारतें और चमचमाती सड़कें बनाना नहीं है। असली विकास वही है जो हर परिवार, हर बस्ती और हर मोहल्ले तक पहुंचे। जब देश के बच्चों को अच्छी शिक्षा, हर घर को साफ पानी और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, तभी भारत सही मायनों में विकसित कहलाएगा।









































