आर्यिका रत्न १०५ सूत्रमति माता का ससंग का २० नवंबर को लालबर्रा नगरागमन होने पर दिगम्बर जैन समाज के स्वजातीय बंधुओं के द्वारा विहरी कर रही ८ माताओं का भव्य स्वागत किया गया। आर्यिका रत्न १०५ सूत्रमति माता का ससंघ में बालाघाट में ५ माता एवं वारासिवनी में ३ माताओं ने चार्तुमास करने के बाद वहां से विहार करने के लिए निकले जिनका बकोड़ा सांई में सभी ८ माताओं का मिलन हुआ जिसके बाद दिगम्बर जैन मंदिर के पदाधिकारी एवं स्वजातीय बंधु सभी माताओं का स्वागत किये तत्पश्चात बाजे-गाते के साथ दिगम्बर जैन मंदिर लालबर्रा लेकर पहुंचे जहां दो दिवस तक विधान पूजा की जा रही है। साथ ही विहार करते हुए पहुंची ८ माताओं के द्वारा धार्मिक ज्ञान भी दिया जा रहा है। चर्चा में दिगम्बर जैन मंदिर समिति अध्यक्ष प्रशांत जैन ने बताया कि आचार्य विद्यासागर महाराज की परम शिष्या आर्यिका रत्न १०५ सूत्रमति माता का ससंग का लालबर्रा आगमन हुआ है जिनका चार्तुमास बालाघाट, वारासिवनी में हो रहा था जिसके बाद वहां से विहार करते हुए बालाघाट से ५ एवं वारासिवनी से ३ माता का मिलन बकोड़ा सांई मंदिर चौक में हुआ जहां सभी का स्वागत किया गया जिसके बाद बाजे-गाते के साथ सभी माताओं को लालबर्रा स्थित दिगम्बर जैन मंदिर लाया गया जहां दो दिवस तक विधान पूजा की जायेगी।










































