गौतीचाय की पत्ती तोड़ते समय रसोइया को सर्प ने डसा, अस्पताल में इलाज जारी

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कंजई के केवाटोला प्राथमिक स्कूल की घटना, परिजनों की सूझबूझ से बची जान, हालत खतरे से बाहर

पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से लगभग १० किमी. दूर ग्राम पंचायत कंजई के केवाटोला स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। स्कूल में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली ५० वर्षीय रसोइया श्रीमती श्यामाबाई इनवाती को जहरीले सर्प ने हाथ में डस दिया। समय पर अस्पताल पहुंचाये जाने के कारण उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार केवाटोला कंजई निवासी श्रीमती श्यामाबाई इनवाती रोजाना की तरह सोमवार को भी स्कूल में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बना रही थीं। दोपहर में चाय बनाने के लिए वे स्कूल परिसर में लगे ‘गौतीचायपत्ती’ (स्थानीय चायपत्ती का पौधा) के पास गई। जैसे ही उन्होंने पत्ती तोडऩे के लिए हाथ आगे बढ़ाया, पौधे में छिपे जहरीले सर्प ने उनके हाथ पर काट दिया जिसे देखकर महिला घबरा गई। वहींं महिला के चिल्लाने पर स्कूल के शिक्षक और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, हालांकि तब तक सर्प भाग चुका था। जिसके बाद सर्प के काटने से बीमार हुई महिला को तत्काल लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाकर भर्ती किया गया जहां उपचार जारी है।

अंधविश्वास छोड़ अस्पताल पहुंचे परिजन, बची जान

आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में जानकारी के अभाव में लोग सर्पदंश के बाद मरीज को झाड़-फूंक करवाने ले जाते हैं, जिससे स्थिति बिगड़ जाती है। लेकिन श्यामाबाई के परिजनों ने समझदारी दिखाते हुए उन्हें बिना वक्त गंवाएं तुरंत लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया। डॉक्टरों की देखरेख में उपचार जारी है और महिला की हालत स्थिर है। अगर जिस महिला को सर्प ने काटा था अगर उसे अस्पताल न लाते हुए झाड़-फूंक वाले के पास लेकर जाते थे महिला की तबियत और बिगड़ सकती थी। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि झाडिय़ों, पेड़ों या अंधेरी जगहों पर जाने से पहले सावधानी बरतें, किसी भी जहरीले जीव या सर्प के काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में समय खराब न करते हुए मरीज को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाये ताकि समय पर सही इलाज मिल सके।

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