चीनी 75 रुपए किलो… 7 रुपये वाली कटिंग चाय बेचना अब मुश्किल, बेबस हुए भोपाल-इंदौर के चायवाले क्या कह रहे?

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Ground Report: चीनी, दूध और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम में भारी बढ़ोतरी के कारण मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में सड़क किनारे चाय बेचना महंगा हो गया है। मार्जिन कम होने और लागत बढ़ने के कारण टी-स्टॉल संचालकों ने चाय की कीमत 15 से 20 रुपये तक बढ़ा दी है, जिससे आम जनता और छात्रों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।भोपाल: मध्य प्रदेश के दो सबसे बड़े और प्रमुख शहरों, भोपाल और इंदौर में चाय की चुस्की लेना अब थोड़ा महंगा साबित हो रहा है। चीनी और अन्य जरूरी इनपुट कॉस्ट में अचानक आए भारी उछाल के बाद सड़क किनारे चाय बेचने वाले वेंडर्स ने मजबूरन दामों में संशोधन किया है। इस महंगाई ने एक तरफ जहां आम उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है, वहीं दूसरी तरफ पहले से ही बेहद कम मार्जिन पर काम करने वाले छोटे दुकानदारों की मुश्किलें भी काफी हद तक बढ़ा दी हैं।

भोपाल में क्या है चाय की टपरियों का हाल?

राजधानी भोपाल में दुकानदारों का कहना है कि चीनी के भाव हाल के हफ्तों में 45-50 रुपये प्रति किलो से उछलकर सीधे 70-75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। अरेरा कॉलोनी के ग्यारह नंबर बस स्टॉप पर पिछले दो दशकों से अधिक समय से चाय की दुकान चला रहे गोपाल ने बताया कि उन्हें एक कप चाय की कीमत 15 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये करनी पड़ी है।न्होंने स्पष्ट किया कि पुराना स्टॉक खत्म होने और नया सामान महंगे दामों पर मिलने के बाद उनके पास इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था। वहीं रंगमहल टॉकीज के पास दुकान चलाने वाले श्याम Sen ने भी बताया कि अदरक वाली चाय की डिमांड तो वैसी ही है, लेकिन मार्जिन बनाए रखने के लिए अब चीनी की मात्रा या सर्विंग साइज में थोड़ा बदलाव करना पड़ रहा है।

इंदौर में बेकाबू होती महंगाई और बढ़ी लागत

दूसरी ओर, कमर्शियल हब कहे जाने वाले इंदौर में स्थिति और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। यहां वेंडर्स के अनुसार चीनी के दाम में 20 से 25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है और यह 70 रुपये के आसपास बिक रही है। इसके अलावा 50 किलो की चीनी की बोरी का भाव करीब 2,200 रुपये से छलांग लगाकर 3,650 रुपये पर पहुंच गया है।

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