Jabalpur News: जबलपुर को रक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्ट की नींव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रखी है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग का हब बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है।जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नए रक्षा प्रोजेक्ट की नींव रखी है। इस प्रोजेक्ट से भारतीय सेना को नई मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय सेना एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने कर्म के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है।रक्षा के क्षेत्र में जबलपुर की अलग पहचान
सीएम मोहन यादव ने कहा कि रक्षा के मामले में जबलपुर की अलग पहचान है। इसके नाम में ही बल लगा हुआ है। जबलपुर हमारा शहर है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी सेना पराक्रम की धनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, अमर शहीद राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, स्वतंत्रता सेनानियों की वजह से जबलपुर की विरासत गौरवशाली रही है। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं रानी दुर्गावती का युद्ध और इस युद्ध में वे लगातार जीत रही थीं, लेकिन तकनीक की वजह से उनकी विजय का क्रम टूट गया।आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग
मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। हमारे रक्षा मंत्री सिंह का संकल्प वज्र के समान कठोर है। रक्षा मंत्री सिंह के मार्गदर्शन से पिछली बार मध्यप्रदेश को भोपाल के पास बीईएमएल कारखाने की सौगात मिली। प्रदेश में वंदेभारत सहित कई ट्रेनों के कोच तैयार किए जाएंगे। राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। शिक्षा, रोजगार, निवेश सहित हर क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।76 करोड़ से अधिक का निवेश आ चुका
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का विदेशी निर्यात 76 हजार करोड़ से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश की गंगा बह रही है, जो हमारे लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगी। कल ही मालनपुर में लगभग 400 करोड़ रुपए लागत के गोदरेज समूह के कारखाने का लोकार्पण किया गया है। यह प्रदेश की आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग है।
रक्षा मंत्रालय को मिल रहा पूरा सहयोग
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम है। डायनैमिक सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है। भोपाल में हुई जीआईआएस 2025 के अवसर पर पारदर्शी एवं सुगम नीतियों को प्रदेश में लागू किया गया। यह उद्योग अनुकूल नीतियां राज्य को औद्योगिक केंद्र के रूप में आकर्षित कर रही हैं। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट और इसमें 16 हजार करोड़ से अधिक का निवेश राज्य की सोच को दर्शाता है।
टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट
राजनाथ सिंह ने कहा कि जबलपुर में ‘टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंग में इन्हीं टैंक के सहारे हमारे जवान दुश्मन को नष्ट कर देते हैं। यह परियोजना स्थानीय लोगों को रोजगार और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराएगी। वैश्विक स्तर पर युद्ध की नई तकनीक विकसित हो चुकी है। ऐसे में सेना को निरंतर अपग्रेड रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आधुनिक जंग के तरीकों में ड्रोन, मिसाइल और साइबर तकनीक शामिल हैं।आज आत्मनिर्भर होना जरूरी
केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि हमारे नौजवान राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी बनेंगे। दुनिया में भारत को देखने का तरीका बदला है। पिछले 12 सालों में रक्षा क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 में हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन केवल 46 हजार करोड़ का था, जो आज 1 लाख 80 हजार करोड़ तक पहुंच गया है। 2014 में भारत का रक्षा निर्यात करीब 1000 करोड़ था, अब 39 हजार करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2030 तक निर्यात को 50 हजार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। हमारे टैंक ग्राउंड बैटल में दुश्मनों के लिए काल और आयरन वॉल बनकर खड़े हैं। पिछले वर्षों में भारतीय सेना को 4004 टैंक मिले हैं। उन्होंने कहा कि अब देश की कुल टैंक ओव्हरहॉल क्षमता प्रतिवर्ष 230 हो जाएगी। हमें दुनिया की नई चुनौतियों से सावधान रहना होगा।









































