राहुल ने लिखा- पुलिस की चिंता मत करो, लाठियों की चिंता मत करो – भाजपा में ऐसी कोई हरकत करने की हिम्मत नहीं होगी। हमारे साथ मार्च में शामिल हों..
Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर 1 नवंबर की रैली को लेकर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। राहुल ने एक्स पर पोस्ट कर लोगों से साथ जुड़ने की अपील की है। राहुल ने एक्स पर पोस्ट किया, चलो दिल्ली रामलीला मार्च, लोकतंत्र को बचाने का, वोट चोरी को रोकने का, संविधान को बचाने का मार्च है। यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं – यह हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है। सब लोग जो नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार से तंग हैं। सब लोग जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं, संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, आप सब आइए। एक ही प्रोटेस्ट है – देश का प्रोटेस्ट है।राहुल ने लिखा- पुलिस की चिंता मत करो, लाठियों की चिंता मत करो – भाजपा में ऐसी कोई हरकत करने की हिम्मत नहीं होगी। हमारे साथ मार्च में शामिल हों – हम संविधान की रक्षा के लिए, भारतीय राष्ट्र की रक्षा के लिए एक साथ चलेंगे। घबराने की जरूरत नहीं है।
मैं सभी छात्र समूहों से, चाहे आप किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, आग्रह करता हूं – यदि आपको लगता है कि भारत पर हमला हो रहा है, यदि आपको लगता है कि आप पर हमला हो रहा है, आपकी अभिव्यक्ति, आपके विचार, आपकी सोच पर हमला हो रहा है, तो आइए और हमारे साथ जुड़िए। यह एक शानदार मार्च होगा, और यह इस देश की आत्मा के लिए मार्च है। आप सभी को वहां देखने की उम्मीद है।30 अक्टूबर को ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम
बता दें कि इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित बड़ी रैली से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मुहिम को आगे बढ़ाने की तैयारी की है। इसी रणनीति के तहत 30 अक्टूबर को ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इससे पहले अशोका होटल और रामलीला मैदान में कार्यक्रम करने की योजना थी, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि सरकार के दबाव में दोनों स्थानों पर आयोजन की अनुमति नहीं दी गई।
इसके बाद कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास, 10 राजाजी मार्ग को कार्यक्रम के लिए चुना। यह स्थान INDIA ब्लॉक की कई महत्वपूर्ण बैठकों और कांग्रेस नेतृत्व की अहम रणनीतिक चर्चाओं का केंद्र रहा है। अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और उमर अब्दुल्ला सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता यहां बैठकों में शामिल हो चुके हैं।










































