नाला किनारे मिट्टी के कटाव से आधी सडक़ हुई क्षतिग्रस्त, रिटर्निंगवॉल बनाने व मरम्मत की मांग पर जिम्मेदार मौन
ग्रामीण एवं राहगीरों ने सडक़ की मिट्टी कटाव को रोकने रिटर्निंगवॉल का निर्माण एवं सडक़ का मरम्मत कार्य करवाने की मांग की
पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। प्रशासन की अनदेखी और उदासीनता के चलते ग्राम पंचायत नगपुरा से पंढरापानी-मुरलीखाम को जोडऩे वाला मुख्य पहुंच मार्ग बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। नगपुरा पंचायत भवन के समीप नाले के किनारे सडक़ की मिट्टी बह जाने से मार्ग का एक बड़ा हिस्सा कभी भी ढह सकता है। सडक़ धंसने और कटाव होने से रोजाना यहां से गुजरने वाले राहगीरों एवं ग्रामीणों को जान-जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना घटित होने की आशंका बनी हुई है। जबकि सडक़ के नीचे की मिट्टी धसकने एवं सडक़ का कटाव हुए करीब एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है और इस समस्या से कई बार जिम्मेदारों को ग्रामीण एवं ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने अवगत करवा चुके है लेकिन कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। जिससे ग्रामीणजनों एवं राहगीरों में प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
एक वर्ष से क्षतिग्रस्त है मार्ग, संकेतक बोर्ड तक नहीं
आपकों बता दें कि नगपुरा से पंढरापानी-मुरलीखाम पहुंच मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या मेें ग्रामीणजन व स्कूली बच्चे आवागमन करते है परंतु एक वर्ष पूर्व तेज बारिश के कारण नाले के तेज बहाव में सडक़ के नीचे की मिट्टी कटकर बह गई थी। देख-रेख न होने के कारण धीरे-धीरे मिट्टी धसकने से कटाव अब सडक़ के आधे हिस्से तक पहुंच चुका है। बीते एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सडक़ विभाग के द्वारा न तो यहां रिटर्निंगवॉल का निर्माण करवाया गया है और न ही सडक़ की मरम्मत की गई है। ताज्जुब की बात यह है कि प्रशासन अथवा संबंधित विभाग ने दुर्घटना से बचाव के लिए यहां कोई चेतावनी/संकेतक बोर्ड या बैरिकेड्स भी नहीं लगाये हैं। अगर रात्रि के समय तेज गति से गुजरने वाले दुपहिया व चौपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और भी जानलेवा साबित हो सकती है। अगर तेज गति से वाहन गुजरते है और वे अनियंत्रित होते है तो सीधे वाहन सहित करीब १५ से २० फीट गहरे नाले में गिर सकते है जिससे बहुत बड़ा हादसा घटित हो सकता है। जबकि इस समस्या से कई बार जिम्मेदारों को अवगत करवा दिया गया है लेकिन प्रशासन के द्वारा इस समस्या की ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। अगर तेज बारिश होने के साथ ही नाले पर बाढ़ आने एवं पानी के तेज बहाव में पंचायत भवन के समीप क्षतिग्रस्त स्थान से सडक़ कटकर बह जायेगी। ऐसी स्थिति में इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह से बंद हो सकता है।
आवागमन ठप होने का डर, ग्रामीणों में भारी रोष
इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, किसान और ग्रामीण एवं राहगीरों रोजाना आवागन करते है और यह मार्ग नगपुरा होते हुए कंजई से हाईवे मार्ग सिवनी में जाकर मिलती है। इस मार्ग से स्कूली बच्चों के साथ ही दुर-दराज के ग्रामीणजन भी आवागमन करते है। लेकिन पंचायत भवन के समीप सडक़ धसक जाने से सभी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर सडक़ धसक जाती है तो आवागमन पूरी तरह से बंद हो जायेगा। इसी बात का सभी को डर बना हुआ है। ग्रामीणों एवं राहगीरों का कहना है कि यदि इस वर्ष पुन: तेज बारिश होती है और नाले में उफान आता है, तो सडक़ पूरी तरह बह जायेगी। जिससे पंढरापानी और मुरलीखाम का संपर्क कट जायेगा और लोगों को लंबी दूरी तय करके अपने गंतव्य तक जाना पड़ेगा। साथ ही ग्रामीण एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या से अवगत करवाया है, लेकिन अब तक किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिम्मेदारों की इस बेरूखी से ग्रामीणों एवं राहगीरों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों व राहगीरों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी के होने का इंतजार किये बिना, जनहित में जल्द से जल्द नाले किनारे मजबूत रिटर्निंगवॉल का निर्माण करवाये जाने तथा क्षतिग्रस्त सडक़ का डामरीकरण/मरम्मत कार्य गुणवत्तापूर्ण करवाने की मांग की है।
चर्चा में नगपुरा सरपंच श्रीमती अनिता लिल्हारे ने बताया कि पंचायत भवन के समीप से गुजरे नाले किनारे की सडक़ पिछले वर्ष हुई तेज बारिश में नाले के पानी के तेज बहाव में सडक़ के नीचे की मिट्टी कटकर बह चुकी है और सडक़ का आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो च










































