फ्लैट कैंसिल होने पर बिल्डर ने दिया ब्याज, क्या इस पैसे पर लगेगा टैक्स?

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अगर Builder ने Flat Booking Cancel होने पर आपका पैसा Interest के साथ वापस किया है, तो इस अतिरिक्त रकम पर Tax लगेगा या नहीं? इसका जवाब Cancellation Agreement की शर्तों और भुगतान को किस रूप में दिखाया गया है, उस पर निर्भर करता है।अगर आपने किसी बिल्डर के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करने के लिए बड़ी रकम दी थी और बाद में किसी वजह से प्रोजेक्ट या बुकिंग कैंसिल हो गई, तो बिल्डर आमतौर पर जमा रकम वापस करता है। कई मामलों में रिफंड के साथ कुछ अतिरिक्त रकम भी दी जाती है, जिसे Interest कहा जाता है। अब सवाल यह है कि इस अतिरिक्त रकम पर इनकम टैक्स देना होगा या नहीं। हाल ही में इसी तरह के एक मामले में Tax Expert ने बताया कि इसका जवाब इस बात पर निर्भर करेगा कि कैंसिलेशन अग्रीमेंट में इस अतिरिक्त रकम को किस तरह बताया गया है।

प्रोजेक्ट कैंसिल हुआ तो मिलेगा पैसा?

मान लीजिए आपने किसी बिल्डर को फ्लैट के लिए टोकन या बुकिंग अमाउंट दिया। बाद में प्रोजेक्ट कैंसिल हो गया और बिल्डर ने आपकी मूल रकम वापस करने के साथ Interest भी दिया। अगर एग्रीमेंट में साफ तौर पर बताया गया है कि रिफंड की रकम पर Interest दिया जा रहा है, तो इस Interest को आम तौर पर Income from Other Sources के तहत टैक्सेबल इनकम माना जा सकता है। यानी इसे आपकी दूसरी आय की तरह ITR में दिखाना पड़ सकता है।

लेकिन हर मामले में अतिरिक्त रकम को Interest मानकर Tax नहीं लगाया जाएगा। यहां कैंसिलेशन अग्रीमेंट और उससे जुड़े Documents की भाषा काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। Expert के मुताबिक अगर एग्रीमेंट में रकम को Interest के रूप में बताया गया है या Interest Rate का स्पष्ट उल्लेख है, तो Tax treatment अलग हो सकता है। वहीं अगर एग्रीमेंट में सिर्फ एक Lump Sum Amount देने की बात कही गई है और Interest Rate का कोई उल्लेख नहीं है, तो उस अतिरिक्त रकम को Capital Gains के रूप में भी देखा जा सकता है।क्या आपको देना होगा टैक्स?

अगर अतिरिक्त रकम को Capital Gain माना जाता है, तो उसकी Taxability इस बात पर भी निर्भर कर सकती है कि फ्लैट की Booking कितने समय पहले की गई थी। Expert के अनुसार अगर Booking और Cancellation के बीच कम से कम दो साल का अंतर है, तो इसे Long-Term Capital Gain माना जा सकता है। ऐसे मामले में अंतर की रकम पर 12.5 प्रतिशत की दर से Long-Term Capital Gains Tax लागू हो सकता है। वहीं अगर यह अवधि दो साल से कम है, तो इसे Short-Term Capital Gain माना जा सकता है और उस पर व्यक्ति के लागूइनकम टैक्स Slab के हिसाब से Tax लग सकता है।

यहां यह समझना भी जरूरी है कि आपको वापस मिली मूल बुकिंग अमाउंट और उसके ऊपर मिली अतिरिक्त रकम एक जैसी नहीं होतीं। आपने जो पैसा बिल्डर को दिया था, उसका रिफंड मूल रूप से आपका ही पैसा वापस मिलना है। Tax का सवाल मुख्य रूप से उस अतिरिक्त रकम पर उठता है जो बुकिंग कैंसिल होने के कारण आपको मिली है। इसलिए रिफंड और Interest को Documents में किस तरह दर्ज किया गया है, इसे ध्यान से देखना जरूरी है।

टैक्स कैसे होगा कैलकुलेट

उदाहरण के तौर पर अगर आपने बिल्डर को ₹50 लाख दिए और Cancellation के समय बिल्डर ने ₹50 लाख वापस करने के साथ ₹5 लाख अतिरिक्त दिए, तो इन ₹5 लाख का Tax treatment एग्रीमेंट की शर्तों के आधार पर तय होगा। अगर Documents में इसे Interest के तौर पर दिखाया गया है, तो यह Income from Other Sources के तहत Taxable हो सकता है। अगर इसे Lump Sum Compensation या किसी अन्य तरीके से दर्ज किया गया है, तो Tax treatment अलग हो सकता है।

इसलिए फ्लैट बुकिंग कैंसिल होने पर बिल्डर से पैसा मिलने के बाद केवल रकम देखकर Tax की गणना नहीं करनी चाहिए। सबसे पहले Booking Form, Cancellation एग्रीमेंट , रिफंड Letter और Payment Details को देखना चाहिए। अगर रकम बड़ी है या एग्रीमेंट की भाषा स्पष्ट नहीं है, तो ITR दाखिल करने से पहले CA या Tax Expert से सलाह लेना बेहतर रहेगा। आखिरकार बिल्डर से मिला Interest अपने आप Tax-Free नहीं हो जाता; उसकी Taxability इस बात पर निर्भर करती है कि वह रकम कानूनी और contractual documents में किस रूप में दर्ज है।

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