बाढ़ में बहकर गंडक नदी में मिले पांच नेपाली नागरिकों के शव, सोनौली बॉर्डर पर नेपाल पुलिस को सौंपे गए

0

शवों को मंगलवार शाम लगभग 4 बजे सोनाली बॉर्डर लाया गया, जहां से उन्हें नेपाल के बेलहिया थाना प्रभारी उप-निरीक्षक (SI) हरिराम डांगी को सौंप दिया गया। इसके बाद नेपाल पुलिस शवों को बुटवल ले गई है,..Nepal flood victims: नेपाल में आई तेज बाढ़ में बहकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी से मिले पांच नेपाली नागरिकों के शवों को मंगलवार को सोनौली सीमा पर नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन शवों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं, जिन्हें कुशीनगर के बरवा पट्टी और खड्डा इलाकों से बरामद किया गया था।

शवों को मंगलवार शाम लगभग 4 बजे सोनाली बॉर्डर लाया गया, जहां से उन्हें नेपाल के बेलहिया थाना प्रभारी उप-निरीक्षक (SI) हरिराम डांगी को सौंप दिया गया। इसके बाद नेपाल पुलिस शवों को बुटवल ले गई है, जहां शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा।

नदियों में उफान और अलर्ट

नेपाल और उत्तर प्रदेश में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण महाराजगंज जिले की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। महाराजगंज जिले में बीते 24 घंटों के दौरान 33.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे इस सीजन की कुल बारिश 655.5 मिमी तक पहुंच गई है। वहीं बी-गैप क्षेत्र में 13.6 मिमी बारिश के साथ कुल बारिश 1,064.4 मिमी दर्ज की गई है।जलस्तर की स्थिति

गंडक नदी का अपस्ट्रीम जलस्तर 355.30 फीट और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 352.60 फीट दर्ज किया गया। रोहिन, राप्ती, चंदन और प्यास नदियां उफान पर हैं, हालांकि वे फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। वहीं, महाव नाला खतरे के 5 फीट के निशान के मुकाबले 9 फीट पर बह रहा है।

प्रशासन की सतर्कता

अपर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए निचले और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य की पूरी तैयारी है। उप-जिलाधिकारियों, तहसील अधिकारियों, सिंचाई विभाग और बाढ़ नियंत्रण टीमों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। महाराजगंज और सीमा से सटे नेपाल के सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here