मारपीट करने वाले दो सगे भाई ज्ञानीराम और बलीराम लिल्हारे को एक एक वर्ष का सश्रम कारावास

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पद्मेश न्यूज।वारासिवनी। वारासिवनी न्यायालय के विद्वान न्यायधीश श्रीमती अंकिता जैन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के द्वारा मारपीट के एक मामले में फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को एक एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला खैरलांजी थाना क्षेत्र का है न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए आरोपीगण ज्ञानीराम लिल्हारे उम्र ५५ वर्ष और उनके भाई बलीराम लिल्हारे उम्र ५० वर्ष दोनों निवासी वार्ड नं.२ खैरलांजी को धारा ३२५/३४ भा.दं.प. के तहत दोषी पाया गया। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रणव राजनेगी से प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना २६ अगस्त २०२० की है। पीडि़त उस दिन अपना मोबाइल सुधारने के लिए खैरलांजी में एक मोबाइल दुकान पर गया था। मोबाइल नही बनने के कारण जब वह वापस लौट रहा था तभी पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी ज्ञानीराम लिल्हारे ने उसे रोक लिया और माँ बहन की गंदी गालियां देने लगा। जब पीडित ने गालियां देने से मना किया तो ज्ञानीराम ने हाथ.मुक्कों से उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच उसका भाई बलीराम लिल्हारे भी वहां आ पहुंचा। बलीराम ने भी गाली गलौज करते हुए पीडि़त पर लकड़ी से हमला कर दिया। इस हमले में पीडि़त के दोनों पैरों, सीने, बाईं कमर, दोनों पंजों और उंगलियों में गंभीर चोटें आईं। इसके बाद दोनों आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। खैरलांजी पुलिस द्वारा मामले की आवश्यक विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। इस मामले में शासन की ओर से सहायक निदेशक कपिल कुमार डेहरिया के कुशल मार्गदर्शन में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रणव राजनेगी द्वारा सशक्त पैरवी की गई। न्यायालय ने अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत पुख्ता साक्ष्यों एवं तथ्यों पर विश्वास करते हुए आरोपियों को उक्त कडे दण्ड से दण्डित किया।
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